वृक्षारोपण पर निबंध हिंदी में | Essay on Tree Plantation in hindi

वृक्षारोपण पर निबंध हिंदी में Essay on Tree Plantation in hindi

हैलो दोस्तों आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है www.aryahindi.in में आज मैं आप सभी को इस लेख में वृक्षारोपण के फायदे और उनके कटने से होने वाले नुकसान के बारे में समझाने जा रहा हूँ।

वृक्षारोपण पर निबंध Essay on tree plantation अक्सर कक्षा 6 से लेकर 12वीं कक्षा तक तथा प्रतियोगी परीक्षा में पूछा जाता है। आप यहां पर वृक्षारोपण पर निबंध Essay on tree plantation के बारे में आईडिया भी ले सकते हैं

क्योंकि इसे सरल और सीधी भाषा में सभी प्रमुख हैडिंग्स के साथ समझाया गया है तो आइए शुरू करते हैं वृक्षारोपण पर निबंध:-


वृक्षारोपण पर निबंध हिंदी में

वृक्षारोपण पर निबंध 100 शब्दों में Essay on tree plantation in 100 words 

वृक्ष पृथ्वी की सबसे अमूल्य संपदा है, जो मनुष्य के साथ ही सभी जीव जंतुओं को विभिन्न प्रकार की सुविधाएँ, प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष तरीके से लाभ पहुंचाते हैं। वास्तव में वृक्ष हमारे मित्र (Friends) हैं,

जो हमें बिना किसी भेदभाव से सभी प्रकार की सुविधाएँ खाने के लिए फल फूल जलाने के लिए इंधन बीमारियों के लिए औषधियाँ (Medicine) प्रदान करते हैं।

वृक्ष हमारे जीवन का आधार है, क्योंकि यह प्राणवायु ऑक्सीजन गैस प्रवाहित करते हैं, जिसके कारण सभी मनुष्य और जीव-जंतुओं का जीवन संभव हो पाता है।

इसलिए हमें वृक्ष के महत्व को समझना चाहिए और वृक्षारोपण करना चाहिए वृक्षारोपण करना एक व्यक्ति या संस्था या सरकार का कर्तव्य नहीं है,

बल्कि संपूर्ण राष्ट्र का कर्तव्य है। प्रत्येक व्यक्ति को अपना कर्तव्य समझना चाहिए और कम से कम अपने जीवन में एक वृक्ष अवश्य लगाकर बड़ा करना चाहिए तभी हम वृक्ष द्वारा किए गए उपकार का मूल्य चुका सकते हैं तथा आने वाली पीढ़ी का जीवन बचा सकते हैं।

वृक्षारोपण पर निबंध हिंदी में

वृक्षारोपण पर निबंध 150 शब्दों में Essay on tree plantation in 150 words 

वृक्ष प्रकृति द्वारा मनुष्य को दिए जाने वाले वे उपहार हैं, जो सबसे अमूल्य होते हैं, तथा मनुष्य और सभी जीव जंतुओं को प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष तरीके से प्रभावित करते हैं। वृक्ष मनुष्य को विभिन्न प्रकार के फल फूल

खाने के लिए औषधियाँ बीमारियों से बचाने के लिए प्रदान करते हैं। वृक्ष ही विभिन्न प्रकार का प्रदूषण रोकने में संभव होते हैं, विभिन्न प्रकार की इमारती लकड़ी, जलाऊ लकड़ी यहाँ तक की कई

उद्योगो का आधार वृक्ष ही होते है। इसके साथ ही वृक्ष हमें प्राणवायु आक्सीजन (O2)  प्रदान करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) को सोखते रखते हैं,

इस प्रकार से कहा जा सकता है, कि वृक्ष मनुष्य तथा जीव जंतुओं के जीवन का मुख्य आधार है, किंतु लगातार जनसंख्या और औद्योगीकरण के कारण वृक्षों का विनाश किया जा रहा है,

जो मनुष्य और जीव-जंतुओं के लिए घातक सिद्ध होता है। वृक्षों के बिनाश के कारण मनुष्य तथा जीव-जंतु विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं के साथ कई बीमारियों की चपेट में आता जा रहा है

जिसके कारण प्रतिवर्ष लाखों लोग असमय ही मृत्यु के ग्रास में समा जा रहे है, इसीलिए भारत सरकार तथा विभिन्न एनजीओ (NGO) के द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम लगातार चलाए जाते हैं,

ताकि इस पृथ्वी को दोबारा हरियाली में बदला जा सके तथा मनुष्य और जीव-जंतुओं के जीवन को बचाया जा सके, किन्तु प्रत्येक मनुष्य को अपना यह कर्तव्य समझना चाहिए और वृक्षारोपण में संपूर्ण सहयोग देना चाहिए।

वृक्षारोपण पर निबंध हिंदी में

वृक्षारोपण पर निबंध 200 शब्दों में Essay on tree plantation in 200 words 

वृक्षारोपण का अर्थ है, वृक्षों को लगाकर उन्हें संरक्षित करके उन्हें बड़ा करना, क्योंकि पृथ्वी पर वृक्षों की आवश्यकता सबसे अधिक होती है,

क्योंकि वृक्ष ही प्रकृति द्वारा प्रदत्त वह अमूल्य संपदा है जो हमें विभिन्न प्रकार के उपहारों अर्थात हमारे लिए जीवन प्रदान करते है।

वृक्ष मनुष्य तथा सभी जीव जंतुओं को प्राणवायु ऑक्सीजन (O2) प्रदान करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO2) को सोखते हैं,

इसके साथ ही विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री, फल फूल, जलाऊ लकड़ी, इमारती लकड़ी और ऑषधियाँ आदि सब वृक्षों के द्वारा ही प्रदान की जाती हैं।

वृक्ष वर्षा को लाते हैं, जिसकारण खाद्यान्न फसलें उगाई जाती हैं, वृक्षों के द्वारा ही बाढ़, मृदा अपरदन को रोका जाता है, विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक घटनाओं पर वृक्षों का ही नियंत्रण होता है।

इसीलिए वृक्षों का पृथ्वी पर होना बहुत ही आवश्यक हो जाता है, किंतु लगातार बढ़ती जनसंख्या (Population) और औद्योगीकरण

(Industrilization) के कारण आज मनुष्य भोग विलासिता के कारण वृक्षों को लगातार काटता जा रहा है, जो मनुष्य जाति तथा सभी जीव जंतुओं के लिए खतरा साबित हो रहा है।

आज वृक्षों की संख्या कम हो जाने से पर्यावरण असंतुलित हो रहा है, जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ उत्पन्न हो रही हैं, कई प्रकार के प्रदूषण उत्पन्न होते जा रहे हैं, पुरानी जलधाराएँ सूखी जा रही हैं।

जगह-जगह जल का संकट तथा सूखा जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो रही है, जिससे हजारों संख्या में पशु-पक्षी प्राणी आदि अपनी जान गवा देते हैं,

इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने इस कर्तव्य को समझना चाहिए और वृक्षारोपण करना चाहिए। भारत सरकार के साथ ही विभिन्न एनजीओ (NGO) और विश्व के विभिन्न देशों के द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम

चलाए जा रहे हैं, ताकि पृथ्वी को फिर से हरा-भरा करके पर्यावरण संतुलित किया जाए तथा मनुष्य जाति के अस्तित्व और जीव-जंतुओं के अस्तित्व को बचा कर रखा जा सके।

वृक्षारोपण पर निबंध हिंदी में

वृक्षारोपण पर निबंध Essay on Tree Plantation in hindi

यहाँ पर वृक्षारोपण पर निबंध सरल भाषा में समझाया गया है, जो कक्षा 1 से 12 वीं तथा उच्च कक्षाओं की परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।


प्रस्तावना Introduction 

वृक्षारोपण पर निबंध - वृक्ष धरती पर वो अमूल्य संपदा (Priceless wealth) है, जो मनुष्य के साथ-साथ सभी पशु पक्षियों को प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष (Direct and indirect) रूप से लाभ पहुंचाते हैं। समस्त पृथ्वी के क्षेत्रफल में से 21% पर वृक्ष पाए जाते हैं

जिनमें वृक्ष और वनो को सम्मिलित किया गया है, जो स्वच्छ और स्वस्थ्य पर्यावरण की दृष्टि से बहुत कम है क्योंकि स्वच्छ पर्यावरण के लिए 33 % वृक्ष उपलब्ध होने चाहिए,

इसलिए वृक्ष लगाना एक सर्वोत्तम कार्य है। पेड़- पौधे हमारे जीवन की रक्षा करते हैं। इसके साथ ही साथ वह हमारे लिए कई प्रकार से उपयोगी होते हैं।

वृक्षों से ही हम खाद्य सामग्री प्राप्त करते हैं, तो बहुत से पशु पक्षियों का आसरा ही वृक्ष ही होते हैं, इसलिए पेड़ों को काटना पाप समझा जाता है और पेड़ों को लगाना एक बहुत ही अच्छा पुण्य का कार्य होता है।

क्योंकि वास्तव में पेड़ हमारे जीवन के लिए बहुत ही आवश्यक (Essential) है और वृक्ष के बिना धरती पर जीवन की कल्पना करना भी असंभव है।


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वृक्षों से लाभ Benefits of Tree

वृक्षों से मनुष्य तथा समस्त पशु पक्षियों को प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से कई प्रकार के लाभ होते हैं, जिन्हें निम्न प्रकार से वर्गीकरण किया गया है:- 

वृक्ष वन्य प्राणियों के आश्रयदाता - सघन और छायादार वृक्ष वन्य प्राणियों के निवासस्थल (Shelter) होते हैं, क्योंकि बहुत से पशु-पक्षी इन पर निवास करते हैं। ऊंचे-ऊंचे वृक्षों पर चिड़ियाँ और बड़े-बड़े पक्षी अपना घोंसला बनाकर रहते हैं

तो दूसरी तरफ बहुत से जीव-जंतु इनके पत्तियाँ तथा फल खा कर अपना जीवन यापन करते हैं, जो वृक्ष छोटे होते हैं और मोटे होते हैं उन वृक्षों पर पशु रात्रि में आराम करते हैं और आहार (Food) भी प्राप्त करते हैं।

इसलिए वृक्ष वन्य प्राणियों के लिए आश्रयदाता ही नहीं बल्कि उनके लिए खाद्य प्रदान करने वाले भगवान (God) स्वरूप हैं।

वृक्ष प्राणवायु के स्रोत - वृक्ष प्राणवायु के प्रमुख स्रोत होते हैं अगर वृक्ष नहीं होंगे तो हमें प्राणवायु अर्थात ऑक्सीजन Oxigen (O2) प्राप्त नहीं होगी और ऑक्सीजन प्राप्त नहीं होगी तो इस पृथ्वी पर जीवन असंभव हो जाएगा वृक्ष ही अशुद्ध वायु को शुद्ध करते हैं

तथा कार्बन डाइऑक्साइड गैस Carbon dai Oxide (CO2) ऑक्सीजन गैस में परिवर्तित करते हैं जो हमारी प्राणवायु कहलाती है। बहुत से ऐसे वृक्ष है जो दिन रात लगातार ऑक्सीजन छोड़ते रहते हैं

और पर्यावरण को भी स्वच्छ बनाए रखते हैं अगर हमारी पृथ्वी पर से वृक्ष कम हो जाएंगे तो पृथ्वी पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO2) की मात्रा बढ़ जाएगी और पृथ्वी जलने लगेगी।

वृक्ष वर्षा के स्रोत - वृक्ष वर्षा के स्रोत (Source of Rain) भी है, जहाँ वृक्ष अधिक होते हैं वहाँ पर वर्षा भी अधिक मात्रा में होती है क्योंकि वृक्ष ही बादलों को रोकते हैं, जिसके कारण ही वर्षा हो पाती है।

अगर वृक्ष होंगे तो धरती पर जल की मात्रा भी अधिक होगी और जल होगा तो जीवन भी होगा इसलिए वृक्ष वर्षा के स्रोत हैं तथा जीवन के लिए महत्वपूर्ण है।

भूमि कटाव को रोकने मैं सहायक - वृक्ष ही भूमि कटाव को रोकने में सहायक होते हैं जहाँ पर वृक्ष अधिक मात्रा में होते हैं वहां मृदा अपरदन (Soil Erosion) या भूमि कटाव बहुत ही कम होता है

क्योंकि वृक्षों की जड़ें (Root) दूर-दूर तक फैली होती हैं तथा मिट्टी को जकड़ के रखती हैं जिससे मृदा अपरदन नहीं हो पाता और मिट्टी की उर्वरा शक्ति (Fertility) कम नहीं होती इसलिए वृक्ष मृदा कटाव रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते।

बाढ़ नियंत्रण में सहायक- वृक्ष बाढ़ (Flood) नियंत्रण में भी सहायक होते हैं जब बाढ़ आ जाती हैं तो वृक्ष बाढ़ का पानी तेजी से सोखने का कार्य करते हैं इस प्रकार वृक्ष बाढ़ नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वृक्ष भूमिगत जल के स्रोत - आजकल हम देखते हैं कि पृथ्वी के अंदर पानी की मात्रा बहुत ही कम होती जा रही है। कुओं,तालाबों,नदियों का पानी सूख रहा हैं जिसका कारण लगातार वनों का काटा जाना है

आज लगातार भौतिकतावादी के कारण वृक्षों को काटा जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप आज पृथ्वी के अन्दर जल का स्तर काफी ही कम हो गया है इसलिए जितनी अधिक मात्रा में वृक्ष लगाएंगे पानी की मात्रा जमीन के अंदर उतनी ही अच्छी रहेगी

क्योंकि वृक्षों के अभाव में ही वर्षा का पानी सीधा नदियों में चला जाता है अगर वृक्ष अधिक मात्रा में होंगे तो वह बरसात का पानी अधिक मात्रा में सुख आएंगे और पृथ्वी के अंदर जल का स्तर उच्च हो जाएगा।

गौण पदार्थों की प्राप्ति - वृक्षों से हमें कई प्रकार के वन्य उपज प्राप्त होते हैं जो अत्यंत मूल्यवान होते हैं तथा उनसे विदेशी मुद्रा भी प्राप्त होती है।

वृक्षों से फल गोंद कत्था, रबड़, बहुमूल्य लकड़ियाँ कोयला आदि बहुत अधिक मात्रा में प्राप्त होती हैं। जिनसे कई प्रकार के उद्योग भी संचालित किए जा रहे हैं लकड़ी से फर्नीचर उद्योग बीड़ी पत्ता से बीड़ी उद्योग आदि वनों की ही देन है।


वृक्ष काटने के दुष्परिणाम Causes Of Deforestation

बढ़ती हुई जनसंख्या तथा औद्योगीकरण (Population and Industrialization)  के कारण आज दिन प्रतिदिन वृक्षों को काटा जा रहा है वनों को काटकर भूमि को कृषि के योग्य बनाया जा रहा है

और मनुष्य अपनी भौतिकवादी विलासिता को पूर्ण करने के लिए इस वृक्ष रुपी संपदा का अंधाधुंध कटाई /दोहन कर रहा हैं

जिससे हमारे सामने कई प्रकार की मुसीबतें आ रही हैं। वृक्षों के अभाव में बहुत से स्थानों पर सूखा पड़ने लगा है और लोग वहां के पानी के लिए तरस जाते हैं।

वृक्षों के अभाव में प्राकृतिक (Natural) जल धाराएँ भी सूख गई हैं तथा नदियों में जल की मात्रा तथा पृथ्वी के अन्दर जल का स्तर कम हो रहा है।

वृक्षों की संख्या कम होने पर कार्बनडाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ती जा रही है तथा प्राणवायु ऑक्सीजन की मात्रा कम हो रही है जिसके कारण कई प्रकार की बीमारियां उत्पन्न होती चली जा रही हैं

ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीन हाउस प्रभाव (Green House Effect) की समस्या बढ़ती जा रही है अगर ऐसे ही वनो का अंधाधुंध दोहन किया गया तो वह दिन दूर नहीं जब पृथ्वी पर से मनुष्य तथा  प्राणियों का अस्तित्व सदा के लिए समाप्त हो जाएगा।


वृक्षारोपण योजनाएँ Tree Plantation plan

भारत सरकार द्वारा तथा देश विदेश की विभिन्न पर्यावरण मित्र संस्थाओं और NGO के द्वारा देश विदेश में विभिन्न वृक्षारोपण योजनाएँ चलायी जाती है, पवित्र दिनों के शुभअवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम किए जाते है, वहीं 5 जून पर्यावरण दिवस पर सम्पूर्ण विश्व में वृक्षारोपण किया जाता है,

इसके आलावा वन महोत्सव कार्यक्रम द्वारा भी वृक्षारोपण किया जाता है वहीं राज्य सरकारों द्वारा किसानों को अपने खेतों में वृक्षारोपण करने पर उन्हें प्रोत्साहन राशि देकर भी वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाये जा रहें है, जिनमें प्रमुख निम्न है:-


वृक्षारोपण योजना उत्तर प्रदेश Uttar pradesh tree plantation programm 

वृक्ष हमारे मित्र और अमूल्य संपदा है, जो हमारे जीवन का आधार तथा हमारे जीवन के रक्षक है वृक्षारोपण हमें अपने जीवन में अवश्य करना चाहिए।

लगातार पर्यावरण प्रदूषण होने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियों का मनुष्य तथा अन्य जंतुओ को सामना करना पड़ रहा है। कियोकि बढ़ती जनसंख्या के कारण वृक्ष काटे जा रहे हैं।

कई प्रकार के रासायनिक उद्योग (Chemical industry)  स्थापित करके पर्यावरण को प्रदूषित होने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में भारत सरकार के द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।

जिससे से पर्यावरण को बचाया जा सके। वृक्षारोपण योजना उत्तर प्रदेश के अनुसार 2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट मैं मीटिंग हुई।

जिसके तहत उत्तर प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश राज्य के सभी विभाग, ग्राम पंचायत, नगर पंचायत और स्कूलों विद्यालयों महाविद्यालयों को मुफ्त में वृक्ष दिए जाएगे। तथा वृक्षारोपण करने का ऐलान किया जायेगा।

उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के द्वारा ऐलान किया गया है, कि 2021-22 में 32 करोड़ वृक्षों का रोपण करेंगे। जिसमें से 10.80 करोड़ वृक्षों का रोपण वन विभाग के द्वारा किया जाएगा।

वहीं 19.20 करोड़ वृक्षों का रोपण उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभाग स्कूल, विद्यालय, महाविद्यालय नगर पंचायत, ग्राम पंचायत आदि के द्वारा किया जाएगा।

जिससे उत्तर प्रदेश मैं पर्यावरण को फिर से मजबूत बना सके तथा उत्तर प्रदेश राज्य में जैव विविधता का संरक्षण किया जा सके।


वृक्षारोपण योजना MP 2021 Tree plantation programm Mp 2021 

मध्य प्रदेश के नगरीय तथा ग्रामीण किसानो तथा नागरिकों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार MP GOVT द्वारा

विधेयक तैयार किया गया है। और इस योजना को वृक्षारोपण योजना MP 2021 कहा गया। इस योजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार सभी लोगों को खासतौर पर किसान को नि: शुल्क पौधे उपलब्ध कराएगी।

जिनमें इमरती गैर इमरती फालदार छायादार बृक्ष शामिल है। किसानों या उन लोगों द्वारा जिनकी खुद की ज़मीन है पर वृक्षारोपण करने पर हर एकड़ के हिसाब से 10,000/- रूपए की प्रोत्साहन

राशि सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। और उन पेड़ पौधों पर उस किसान का पूरा अधिकार होगा। जिन किसानों ने खरीफ वर्ष 2020 में धान की फसल प्राप्त कर ली है,

वे धान की फसल की जगह अपने खेतों में वृक्षारोपण कर पेड़ लगाते हैं, तो उन्हें अगले 03 वर्षों के लिए प्रति एकड़ भूमि के हिसाब से 10,000 रुपये प्रोत्साहन राशि

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। जो सीधे लाभार्थी के बैंक अकाउंट में जमा होगी। इस प्रकार से फालदार बृक्षों से किसानों को भी लाभ होगा और सरकार से आर्थिक सहायता भी प्राप्त होगी।


उपसंहार Conclusion 

यह सच है कि वृक्ष हमारे लिए बहुत उपयोगी है और सभी प्राणियों का जीवन है, इसलिए मनुष्य का सबसे पहला कर्तव्य (Duty) होता है

कि उसे अपने जीवन काल में कम से कम 2 वृक्ष अवश्य लगाने चाहिए तथा वृक्षों को काटने पर पूर्णता प्रतिबंध लगा देना चाहिए

और जो हरे वृक्षों को काटता हुआ पाया जाएगा उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए नए वृक्षों को लगाया जाना चाहिए।

अगर समय रहते हुए ऐसा नहीं किया गया तो पृथ्वी एक वीरान बंजर जमीन बन कर रह जाएगी जहाँ पर जीवन का अस्तित्व ही नहीं होगा।

वृक्ष मनुष्य तथा सभी जीव जंतुओ का आधार है, कियोकि यह हमें प्राणवायु देते है तथा भोजन भी प्राप्त कराते है, इनके बिना जीवन असंभव है।

इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्य को समझाना चाहिए और अपने जीवन में कम से कम 1 वृक्ष को जरूर बड़ा करना चाहिए। तभी हमारी पृथ्वी हरी भरी और जीवन खुशहाल रहेगा। 

Note  - आपने इस लेख में वृक्षारोपण पर निबंध  पड़ा आशा करता हुँ यह लेख आपको अच्छा लगा होगा कृप्या इसे शेयर जरूर करें।

  • FAQ for Tree Plantation

वृक्ष दिवस कब मनाते है?

वृक्षों के महत्व को ध्यान में रखकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व वानिकी दिवस 21 मार्च को मनाया जाता है।


भारत में वृक्षारोपण दिवस कब मनाया जाता है?

भारत में पर्यावरण तथा वनो के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने तथा वृक्षारोपण करने के लिए 1से 7 जुलाई के बीच वृक्षारोपण दिवस मनाया जाता है, जिसे वन महोत्सव दिवस भी कहते है।


वृक्षारोपण का क्या महत्व है?

वृक्ष मनुष्य तथा जीव जंतुओं को प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष तरीके से विभिन्न प्रकार से प्रभावित करते हैं, वृक्ष प्राणियों को प्राणवायु ऑक्सीजन प्रदान करते हैं तथा जहरीली गैसों को सोखते हैं, वृक्ष फल फूल जड़ी बूटियां जीव जंतुओं को आश्रय भी प्रदान करते हैं, जबकि यह बरसा लाते हैं और बाढ़ में हमारी सहायता भी करते हैं। इसलिए प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष तरीके से वृक्षारोपण का मनुष्य तथा विभिन्न जीव जंतुओं के जीवन में गहरा महत्व देखा जा सकता है।

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