जनसंख्या विस्फोट पर निबंध


जनसंख्या विस्फोट पर निबंध essay on population explosion

हैलो दोस्तों इस लेख जनसंख्या विस्फोट पर निबंध (Essay on population explosion)  में आपका बहुत-बहुत स्वागत है आज आपको इस लेख में जनसंख्या विस्फोट क्या है इस की समस्याएँ,

कारण तथा समाधान के बारे में बताएंगे तथा यह निबंध कक्षा 6 से 12वीं तक अक्सर पूछा जाता है। यहाँ से आप एक अच्छा निबंध लिखने का आईडिया ले सकते हैं।

जनसंख्या विस्फोट क्या है what is population explosion in hindi 

जनसंख्या विस्फोट वह एक विकराल समस्या है जो जनसंख्या से जुड़ी हुई है, सीधी सरल शब्दों में जनसंख्या विस्फोट का अर्थ है,

कि मृत्यु दर (Death rate) का कम हो जाना तथा जन्म दर (Birth rate)का अधिक हो जाना

जिससे जनसंख्या वृद्धि तेजी से होने लगे इस स्थिति को जनसंख्या विस्फोट कहा जाता है और जनसंख्या विस्फोट आज दुनिया भर की सबसे बड़ी समस्या बन गई है

अन्य देशों में तो जनसंख्या कम है, लेकिन भारत और चीन जैसे देशों में जनसंख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जिसके परिणाम स्वरूप समाज देश के सामने कई प्रकार की गंभीर समस्याएं सामने उत्पन्न हो रही हैं।

बेरोजगारी पर निबंध

सन 2000 में 11 मई को भारत का एक अरबवॉ शिशु जन्मा था और

आज सन  2020 मैं जनसंख्या एक बड़ी ही खतरनाक रेखा एक अरब पैतीस करोड़ पार कर चुकी है, जो एक गहन सोचनीय और चिंतनीय स्थिति है

तीव्र जन्म दर और कम मृत्यु दर जनसंख्या विस्फोट का मुख्य कारण है,क्योंकि पूरी दुनिया में हर साल 1 मिलियन तथा प्रति मिनट लगभग 250 बच्चे जन्म लेते हैं वहीं मृत्यु दर 1 मिनट में 120 के आसपास हैं

इस कारण दुगनी जन्म दर और आधी मृत्यु दर के अंतराल से आज जनसंख्या विस्फोट एक गहन समस्या बन गई है

भारत में जनसंख्या विस्फोट के कारण Due to population explosion in india 

बढ़ती हुई जनसंख्या के लिए कई कारण उत्तरदाई हैं जिनमें से प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:-

मृत्यु दर में कमी  - आज के आधुनिक युग (Modern age) में विज्ञान ने मनुष्य को सुख-सुविधा के लिए हर एक प्रकार की वस्तु उपलब्ध करा दी है, 

घातक से घातक रोगों से बचने के लिए बेहतर मेडिसिन (Medicine) के साथ सभी प्रकार के ऑपरेशंस भी उपलब्ध हैं

जिसके कारण आज मृत्यु दर दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है, जो जनसंख्या वृद्धि का मुख्य कारण है क्योंकि मृत्यु दर जितनी कम होगी

जनसंख्या वृद्धि उतनी ही अधिक होगी इसलिए मृत्यु दर में कमी जनसंख्या विस्फोट का मुख्य कारण है।

रूढ़िवादी सोच - रूढ़िवादी सोच भी जनसंख्या विस्फोट का मुख्य कारण है, गाँव के बहुत से लोग रीति-रिवाजों को तथा तथा भगवान में आस्था रखते है,

वे संतान को ईश्वर का प्रसाद समझते हैं और वो दो से अधिक कई बच्चों को जन्म देते हैं, इस प्रकार यह भी जनसंख्या विस्फोट का एक कारण है।

निरक्षरता - निरक्षरता भी जनसंख्या विस्फोट का एक मुख्य कारण है। आज भी भारत में ऐसे कई गाँव है, जहां पर शिक्षा का अभाव है,

तथा पुरुषों को शिक्षा देने के साथ-साथ महिलाओं को शिक्षा पाने के अधिकार से भी वंचित किया गया है

इसलिए साक्षरता के आभाव में लोग जनसंख्या विस्फोट जनसंख्या वृद्धि के दुष्परिणामों के बारे में नहीं जानते इसलिए वह दो से अधिक बच्चों को जन्म देते हैं, इसलिए निरक्षरता भी इसका एक प्रमुख कारण है

अंधविश्वास तथा पौराणिक सोच - जनसंख्या वृद्धि का  सांस्कृतिक तथा पौराणिक सोच भी एक कारण है। बहुत से ऐसे गाँव हैं जहां पर लोग पौराणिक धर्म ग्रंथों में अत्यधिक विश्वास करते हैं

कुछ लोग अंधविश्वास के वशीभूत होते है, यदि किसी के घर बेटा पैदा नहीं हुआ तो वह मानते हैं, कि उनका नरक में स्थान पक्का है इसलिए लोगों का मानना होता है,

कि उनको तारने वाला सिर्फ बेटा ही होता है और बेटा के अभाव में वह अपनी संतानों को जन्म देते रहते हैं और कई बच्चियों का जन्म एक बच्चे के कारण हो जाता है इस प्रकार भी जनसंख्या बढ़ रही है

प्रशासन का उदारवादी होना - यद्यपि भारत में प्रशासन के द्वारा परिवार नियोजन तथा जनसंख्या विस्फोट के संबंध में प्रचार प्रसार कार्यक्रम भी चलाए गए लेकिन इनका प्रभावी तरीके से ना चलाया जाना

जनसंख्या विस्फोट के लिए जिम्मेदार है, सरकार भी इस जनसंख्या विस्फोट जैसी विकराल समस्या के प्रति अनजान बनी हुई है।

बहुत से देशों में तो ऐसा नियम भी लागू कर दिया गया है, कि 2 बच्चे से अधिक पैदा करना कानूनन अपराध है और इसके लिए उन्हें जुर्माना और जेल भी जाना पड़ सकता है

जनसंख्या विस्फोट के दुष्परिणाम Effects of population explosion

लगातार बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण आज समाज में कई प्रकार की कुरीतियाँ तथा भयंकर विकराल समस्याएँ  देश तथा समाज के सामने प्रकट हो रही हैं जिनमें से कुछ निम्न प्रकार हैं।

जनसंख्या विस्फोट पर निबंध
जनसंख्या विस्फोट दुष्परिणाम 

बेरोजगारी  - जनसंख्या विस्फोट का मुख्य दुष्परिणाम बेरोजगारी (Unemployment) है। आज भारत का अच्छे से अच्छा पढ़ा लिखा नौजवान बेरोजगार है

जो अच्छी योग्यता रखने के बावजूद भी नौकरी के लिए दरबदर भटकता फिरता है। लगातार जनसंख्या बढ़ने के कारण नौकरियाँ बहुत ही कम मात्रा में उपलब्ध हैं

तथा पाने वालों की सँख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आज भारत देश में हर पांच व्यक्तियों में से चार व्यक्ति बेरोजगार हैं, जिसका प्रमुख कारण जनसंख्या विस्फोट है।

गरीबी - भारत एक कृषि प्रधान देश है, किंतु फिर भी अति जनसंख्या वृद्धि के कारण भारत में गरीबी (Poverty or Hunger) और भुखमरी जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो रही है,

क्योंकि उत्पादन करने के संसाधन सीमित संख्या में है, जबकि जनसंख्या वृद्धि लगातार होती जा रही है।

इसलिए सीमित संसाधनों की के कारण उपभोग की वस्तुएँ कम मात्रा में उपलब्ध हो पा रही हैं, इसलिए गरीबी जनसंख्या वृद्धि का ही परिणाम है।

महँगाई - लगातार जनसंख्या वृद्धि के कारण महँगाई भी सातवें आसमान को छू रही है। आज के समय में सरसों का तेल ₹140 लीटर तो वही कोई भी दाल ₹100 किलो से कम नहीं है

क्योंकि उपभोक्ता की उपयोग की जाने वाली वस्तुओं की मात्रा सीमित है, लेकिन उपभोग करने वाले व्यक्तियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिसका मुख्य कारण जनसंख्या विस्फोट ही है।

अपराधों में वृद्धि - लगातार जनसंख्या वृद्धि के कारण गरीबी, महँगाई, बेरोजगारी जैसी समस्या उत्पन्न हो रही हैं और लोग इनसे जूझ रहे हैं

जिससे लोगों में अपराधिक प्रवृत्तियाँ भी जाग रही हैं आजकल लोग चोरी, डकैती, मिलावटखोरी, जमाखोरी, जालसाजी

जैसी बुरी प्रवृत्तियों को अपना रहे हैं, जिससे हमारे समाज तथा देश पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है जिसके लिए जनसंख्या विस्फोट उत्तरदायी है।

जनसंख्या विस्फोट के निवारण Solution of population explosion

जनसंख्या विस्फोट एक विकराल समस्या का रूप धारण करती जा रही इसलिए इसको रोकने के सफल प्रयास किए जाने चाहिए

जिसके लिए आवश्यक शिक्षा का प्रसार प्रचार किया जाना चाहिए वहीं सरकार के द्वारा इसके खिलाफ सख्त से सख्त नियम परिवार नियोजन कार्यक्रम का सुचारू रूप से प्रचार प्रसार तथा पालन करवाना चाहिए

सरकार को ऐसे कठोर नियम बनाना चाहिए जिससे लोग अधिक बच्चे पैदा करने से डरे सरकार को 2 बच्चे पैदा करने की तथा 2 से अधिक बच्चा पैदा करने पर जुर्माना तथा कारागार जैसी प्रावधान बनाकर उन्हें शक्ति से लागू करना चाहिए।

पढ़े लिखे लोगों को चाहिए कि पुराने रीति रिवाज तथा सांस्कृतिक पौराणिक अंधविश्वासों में ना पढ़कर आगे आने वाली समस्याओं को देखें तथा

जनसंख्या विस्फोट के बारे में प्रचार प्रसार कर के स्वयं इसके बारे में अमल करें तथा जनसंख्या वृद्धि पर रोकथाम के लिए प्रयास करें तभी जाकर इन समस्याओं से निजात पा सकेंगे। 

निष्कर्ष Conclusion

जनसंख्या वृद्धि के कारण देश को तथा समाज को किसी प्रकार का लाभ नहीं होता बल्कि इससे आने वाली पीढ़ियों को हानि ही हानि होती है

तथा सरकार को जनसंख्या विस्फोट के इस भयंकर समस्या पर अमल करना चाहिए। देश के पढ़े लिखे लोगों को शिक्षा का प्रचार करते हुए

जनसंख्या विस्फोट जैसी समस्याओं के बारे में सबको बताना चाहिए और उसका प्रचार प्रसार करते रहना  चाहिए

वरना वह दिन दूर नहीं जब इस पृथ्वी से जनसंख्या विस्फोट के कारण दिनदहाड़े कत्लेआम लूटमार देखने को मिलेगी। 

Note - दोस्तों आपने इस लेख में जनसंख्या विस्फोट पर निबंध समस्या तथा समाधान के बारे में पड़ा आशा करता हुँ आपको पोस्ट अच्छी लगी होगी इसे शेयर जरूर करें।

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