कोशिका किसे कहते है What is cell in hindi

कोशिका किसे कहते हैं सिद्धांत और प्रकार

कोशिका किसे कहते हैं सिद्धांत और प्रकार what is a cell, principle and type of cell

हैलो दोस्तों इस लेख कोशिका किसे कहते हैं, कोशिका के सिद्धांत तथा प्रकार (What is a cell, the principle and type of cell) में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। यह लेख जीव विज्ञान से संबंधित है,

जो अक्सर कक्षा 6 से लेकर कक्षा 12 वी तथा उच्च कक्षाओं में अध्ययन किया जाता है। यहाँ कोशिका उसके प्रकार तथा सिद्धांतों के बारे में सीधी सरल भाषा में समझाने की कोशिश की गई है।

जीव विज्ञान की शाखाएँ

कोशिका किसे कहते है what is cell

कोशिका (Cell) किसी भी जीवधारी कि वह मूलभूत इकाई होती है, जिसमें जीवन संबंधी सभी क्रियाएँ संपन्न होती हैं।

वास्तव में कोशिका किसी भी जीव की संरचनात्मक तथा कार्यात्मक इकाई (Structural or functional unit) होती है,

क्योंकि जीवन संबंधित समस्त क्रियाएँ कोशिकाओं में ही संचालित होती हैं, तथा कोशिकाओं से ही शरीर का निर्माण होता है,

इसलिए कोशिका ही शरीर की सबसे छोटी इकाई होती है, क्योंकि कई कोशिकाओं के मिलने से ऊतक,(Tissu) कई ऊतको के मिलने से अंग,(Organ)

कई अंगों के मिलने से अंगतंत्र (Organ system) बनता है तथा कई अंगतंत्रो से मिलकर शरीर (Body)का निर्माण होता हैं, इस प्रकार कह सकते हैं,

कि कोशिका किसी भी जीव मात्र की सबसे छोटी कार्यात्मक और संरचनात्मक इकाई (Structural and Functional Unit) है।

जीव विज्ञान की वह शाखा जिसमें कोशिका तथा कोशिका से संबंधित अंगको तथा प्रकारों का अध्ययन किया जाता है, उस विज्ञान को कोशिका विज्ञान (Cytology) कहते हैं

कोशिका की खोज Discovery of Cell 

कोशिका की खोज 1665 ईस्वी में एक ब्रिटिश वनस्पति शास्त्री रॉबर्ट हुक (Robert hooke) ने की थी। रॉबर्ट हुक एक प्रसिद्ध ब्रिटिश वनस्पतिशास्त्री थे,

जिन्होंने स्वयं अपना माइक्रोस्कोप बनाया तथा कॉर्क की एक पतली काट में अनेक छोटी छोटी मधुमक्खी के छत्ते जैसी कोठरियाँ देखी और उन्होंने इन कोठरियों को कोशा (Cell) नाम दिया

जो एक लैटिन भाषा का शब्द है जिसका अर्थ कक्ष होता है, कोशिका की खोज के कारण रॉबर्ट हुक को कोशिका विज्ञान का पिता (Father of cell biology) कहा जाता है.

रॉबर्ट हुक ने अपनी माइक्रोग्राफिया (Micrographia) नामक पुस्तक में इसका वर्णन किया।

इसके पश्चात ल्यूवेनहॉक ने 1674 ईस्वी में सर्वप्रथम जीवित कोशिकाओं (Becterial cell)का अध्ययन किया। ल्यूवेनहॉक को जीवाणु विज्ञान का जनक भी कहा जाता है,

इस प्रकार कोशिका के बारे में खोज तथा अध्ययन होता रहा और आज कोशिका के समस्त अंगों के बारे में जानकारी प्राप्त हो चुकी है।

कोशिका किसे कहते हैं सिद्धांत और प्रकार


कोशिका सिद्धांत Cell theory 

कोशिका सिद्धांत सन 1838 ईस्वी में जर्मन के वनस्पतिशास्त्री एम जे स्लाइडेन(M.j.schleiden)  तथा जर्मनी के विज्ञानशास्त्री थियोडर स्वान (Theodar Schwann)ने मिलकर प्रस्तुत किया था।

कोशिका सिद्धांत की प्रमुख बातें निम्न प्रकार हैं।

  1. इस सिद्धांत के अनुसार बताया गया कि प्रत्येक जीव का शरीर एक या अनेक कोशिकाओं से मिलकर बना होता है।
  2. प्रत्येक नई कोशिका की उत्पत्ति जिस कोशिका से होती है जिसे उसकी मातृ कोशिका (Perents Cell) कहते हैं।
  3. कोशिका शरीर की क्रियात्मक इकाई  (Functional unit) होती है क़्योकी समस्त जैविक क्रियाएँ कोशिका में ही होती है।
  4. कोशिका ही शरीर की संरचनात्मक  इकाई (Structural unit)होती है, क़्योकी कोशिकाओं से मिलकर "ऊतक" ऊतकों से मिलकर "अंग" अंगों से मिलकर "अंगतंत्र" तथा अंगतंत्रो से मिलकर शरीर बनता है।
  5. कोशिका की उत्पत्ति जिस क्रिया से होती है उसमें केंद्रक प्रमुख भूमिका निभाता है,

कोशिका सिद्धांत के अपवाद Exception of cell theory

एम.जे.शलाइडेन तथा थियोडर स्वान के द्वारा प्रस्तुत  किया गया कोशिका सिद्धांत सभी कोशिकाओं पर लागू नहीं होता इसलिए इस सिद्धांत के कुछ अपवाद भी हैं

विषाणु कोशिका (Virus)कोशिका सिद्धांत का अपवाद है, क्योंकि विषाणु कोशिका ही नहीं है यह सर्वथा संक्रामक परजीवी के रूप में होते हैं

तथा विलगित अवस्था में निर्जीव और किसी जीव के शरीर में सजीव अवस्था में भी होते हैं, इसलिए कह सकते है कि विषाणु ऐसे जीव है जो कोशिका नहीं है और कोशिका सिद्धांत का अपवाद है

कोशिका के प्रकार Type of cell 

रचना के आधार पर कोशिकाओं को दो प्रकारों में बाँटा गया है:- 

प्रोकैरियोटिक कोशिका Prokaryotic cell

प्रोकैरियोटिक कोशिका वे कोशिकाएँ होती हैं, जिन्हें प्रारंभिक कोशिकाएँ (Primary cell) कहा जाता है, कियोकि 

यह कोशिकाएँ सरल संरचना वाली होती हैं, किन्तु प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं की महत्वपूर्ण विशेषता होती है, कि इनमें एक स्पष्ट केंद्रक का अभाव होता है,

इसके साथ ही इसके अनुवांशिक पदार्थ जैसे- डीएनए, गुणसूत्र तथा केन्द्रकांग कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm)में बिखरी हुई अवस्था में पाए जाते हैं, RNA, प्रोटीन,राइबोसोम न्यूक्लियोटाइड्स,

आदि कोशिकाद्रव्य के संपर्क में रहते है और कुछ अंगक अनुपस्थित होते है। जीवाणु कोशिका (Bacterial Cell) प्रोकैरियोटिक कोशिका का सबसे अच्छा उदाहरण है।

यूकैरियोटिक कोशिका Eukaryotic cell

वह कोशिका जो पूर्ण रूप से विकसित होती हैं, उन्हें यूकैरियोटिक कोशिका के नाम से जाना जाता है। इन कोशिकाओं में एक सुस्पष्ट केंद्रक (True Neucleus) पाया जाता है

और यह रचनात्मक आधार पर पूर्ण रूप से विकसित कोशिका होती हैं, जिनका आकार बड़ा होता है तथा इसमें पूर्ण विकसित केंद्रक पाए जाने से केंद्रक में पाया जाने वाला अनुवांशिक पदार्थ तथा अन्य अंगक  केंद्रक के अंदर ही रहता है,

तथा चारों ओर से केंद्रक  झिल्ली (Neuclear Membrane) के द्वारा घिरा होता है, विषाणु, जीवाणु, नील हरित शैवाल को छोड़कर सभी प्रकार के जंतुओं में यूकैरियोटिक कोशिका पाई जाती हैं।

कोशिका के कार्य Function of Cell 

कोशिका एक कारखाने की तरह कार्य करती है, जिस प्रकार से कारखाने में वस्तुओं का निर्माण होता है, मशीनें होती हैं, कर्मचारी होते हैं, उसी प्रकार कोशिकाओं में भी विभिन्न अंग होते हैं जो अपना अलग-अलग कार्य करते हैं, जिन्हे हम निम्न प्रकार से समझते है:- 

  1. कोशिका का सबसे बाहरी आवरण जो कोशिका को चारों ओर से घेरे रहता है, वह कोशिका भित्ति ( cell membrane) कहलाता है। यह एक चारदीवारी अर्थात कोशिका के अंगको की रक्षा करती है, और कोशिका के अंदर तथा बाहर आने जाने वाले पदार्थों पर नियंत्रण करती है। 
  2. कोशिका में मेटाबॉलिज क्रियाओं को चलाने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है और ऊर्जा की विभिन्न प्रकार के कार्यों में सप्लाई कोशिका के अंगक माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) के द्वारा की जाती है। इसीलिए माइटोकॉन्ड्रिया को पावर हाउस ऑफ द सेल (Powerhouse of the cell) के नाम से भी जाना जाता है।
  3. कोशिका में गोदामों की तरह वसा, प्रोटीन और स्टार्च का संचय करने के लिए वैक्यूल्स (Vacuoles) होते हैं, इनमें आवश्यकता से अधिक वसा प्रोटीन और स्टार्च संचित रहते हैं तथा इनका आवश्यकता पड़ने पर उपयोग किया जा सकता है।
  4. कोशिका में डीएनए तथा आरएनए भी होते हैं, जिसमें डीएनए आनुवांशिक लक्षणों को पीढ़ी दर पीढ़ी ले जाते हैं जबकि आर एन ए प्रोटीन संश्लेषण तथा डीएनए के निर्माण में और अन्य कोशिकीय कार्य में उपयोग में आते हैं।
  5. कोशिका में उपस्थित केंद्रक (Nucleus) कारखाने के मैनेजर के रूप में कार्य करता है। यह कोशिका में होने वाले विभिन्न क्रियाओं पर नियंत्रण करने का कार्य करता है।
  6. कोशिका के अंदर प्रोटीन संश्लेषण (Protein synthesis) का भी होता है और यह कार्य राइबोसोमस के द्वारा किया जाता है।
  7. कोशिका में जो अंगक टूट फूट जाते हैं, जो छतिग्रस्त हो जाते हैं, उनका पाचन भी होता है। कुछ जीवाणुओं का भी और भोज्य पदार्थों का भी पाचन होता है और यह कार्य लाइसोसोम (Lysosome) के द्वारा होता है, क्योंकि लाइसोसोम में विभिन्न प्रकार के पाचक एंजाइम पाए जाते हैं।
  8. इसके साथ ही एंडोप्लास्मिक रेटिकुलम (Endoplasmic reticulum) गॉलजी कांपलेक्स (Golgi complex) भी कोशिका को आलंबन, आकार प्रदान करने का कार्य करते हैं तथा अन्य प्रकार की क्रियाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

दोस्तों इस लेख में आपने कोशिका क्या है (what is Cell) कोशिका सिद्धांत तथा प्रकारों के बारे में पड़ा,  आशा करता हुँ, आपको लेख पसंद आया होगा इसे शेयर जरूर करें।

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  1. प्रोकैरियोटिक और युकैरियोटिक कोशिका में अंतर
  2. कोशिका झिल्ली किसे कहते है, संरचना तथा कार्य
  3. राइबोसोम क्या है खोज तथा कार्य
  4. माइटोकोंड्रिया क्या है संरचना तथा कार्य
  5. एंड़ोप्लास्मिक रेटिकुलम क्या है संरचना तथा कार्य
  6. केंद्रक किसे कहते है संरचना तथा कार्य

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