कैकसी का जीवन परिचय | Kaikasi ka jivan parichay

कैकसी का जीवन परिचय Kaikasi ka jivan parichay 

कैकसी का जीवन परिचय - हैलो दोस्तों आज हम फिर लेकर आये है एक और नई पौराणिक कहानी, कैकसी का जीवन परिचय (Biography of kaikasi) दोस्तों इस लेख में हम बात करेंगे कैकसी कौन थी?

तथा उन महत्वपूर्ण बातों को जानेंगे जो शायद आप नहीं जानते होंगे. दोस्तों पिछली पोस्ट में हमने कुम्भकरण रावण आदि राक्षसों की कहानियों का वर्णन किया, 

जिसका लिंक इस पोस्ट में दिया जायेगा. आइये दोस्तों पढ़ते है, कैकसी का जीवन परिचय (Kaikasi ka jivan Parichay) :-

कैकसी का जीवन परिचय

कैकसी कौन थी who was kaikasi 

रामायण में बताया गया की कैकसी सुमाली राक्षस की पुत्री थी। किन्तु सुमाली कैकसी के वास्तविक पिता नहीं थे कैकसी के वास्तविक पिता अग्निवेश थे। 

कियोकि इनकी पत्नी का हरण सुमाली ने किया था जो हरण के समय गर्भवती थी। किन्तु कैकसी को यह ज्ञात कभी नहीं हो पाया कि वह सुमाली की पुत्री नहीं है। 

कैकसी गुणवान तथा रूपवती दिव्य कन्या थी, जिसकी रावण तथा कुम्भकरण जैसी संताने भी महापराक्रमी थी।

कैकसी के माता पिता Parents of kaikasi 

कैकसी के पिता का नाम राक्षसराज सुमाली तथा माता का नाम ताड़का था, पौराणिक ग्रंथो के आधार पर बताया जाता है।

कि कैकसी के वास्तविक माता-पिता सुमाली तथा ताड़का नहीं थे, कैकसी कि माँ को सुमाली ने हरण किया था और उस समय कैकसी अपनी हरण हुई माँ के गर्भ में थी।

कैकसी का विवाह Marrige of kaikasi 

कैकसी का पालन पोषण एक अदभुत योजना का प्रारूप था जिसे सुमाली राक्षसों के लिए पूर्णरूप देना चाहता था।

कैकसी की माँ का हरण एक पुत्री पाने के लिए किया गया था जिसका उपयोग किसी तेजस्वी व्राह्मण से विवाह कराकर शक्तिवान संतान उत्पन्न करना था।

जो राक्षस जाति को एकजुट करके राक्षसों का राजा बन सके तथा देवताओं से लोहा ले सके। जब कैकसी मात्र 13 वर्ष की थी।

तब सुमाली ने कैकसी से कहा की तुम महर्षि विश्रवा के आश्रम जाओ और उन्हें अपने सौंदर्य के प्रेम जाल में फांसकर उनसे विवाह करो जिससे जो भी संतान उत्पन्न होगी।

वह राक्षस जाति का गौरव, तथा बलशाली होगी, लेकिन कैकसी महर्षि विश्रवा से विवाह नहीं करना चाहती थी कियोकि वह अपने रूप सौंदर्य पर गर्व करती थी।

जबकि महर्षि विश्रवा अधिक उम्र के हो चुके थे किन्तु ना चाहते हुये भी कैकसी का विवाह महर्षि विश्रवा से हुआ तथा कैकसी और विश्रवा से चार संताने उत्पन्न हुई, रावण, कुम्भकरण, विभीषण, और सूर्पणखा 

जिनमें रावण कुम्भकरण, राक्षस प्रवृति के थे तथा बलशाली भी थे जबकि विभीषण अपने पिता विश्रवा की तरह दयालु गुणवान तथा वेदपाठी थे।

दोस्तों इस लेख में कैकसी कौन थी कैकसी के माता पिता कौन थे कैकसी का जीवन परिचय (Biography of kaikasi) का वर्णन किया गया आशा करता हुँ यह लेख आपको अच्छा लगा होगा।

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