ताजमहल का रहस्य | Taj mahal ka rahasya hindi me

ताजमहल का रहस्य क्या है Tajmahal ka rasasy

हैलो दोस्तों आपका इस लेख ताजमहल का रहस्य (Secret of Taj Mahal) में बहुत - बहुत स्वागत है। इस लेख में आप विश्व के सातवें अजूबे ताजमहल Sevanth Wonders of World) के बारे में ऐसी आश्चर्यजनक बातें जानेंगे जो आपने पहले कभी नहीं सुनी होंगी।

दोस्तों ताजमहल मुगलकाल की वास्तुकला (Architecture) एक ऐसा उदाहरण है, जो अपने सीने में ना जाने कितने राज खुद में दफ़न किये हुये है।

इस लेख में हम कुछ खास बातों पर नजर डालेंगे कि आखिर ऐसा क्यों किया गया कि ताजमहल पर किसी को रिसर्च (Reaserch) की अनुमति भी नहीं है, तो दोस्तों आइये बढ़ते है, इस लेख ताजमहल का रहस्य क्या है Mystery of Tajmahal) में :-


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ताजमहल का रहस्य


ताजमहल का निर्माण कब और किसने करवाया who  when was built taj and  

भारत में कई ऎसे ऐतिहासिक भवन बनाए गए हैं जो किसी ना किसी घटना या प्रेम कहानी का प्रतीक हैं। जिनमें से एक है ताजमहल जो प्रेम का प्रतीक (Symbol of love) प्रेम की धरोहर माना जाता है।

ताजमहल का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहाँ के द्वारा 17 वी शताब्दी में करवाया गया था। शाहजहाँ एक महान मुगल शासक था, जिसके पिता का नाम जहाँगीर तथा दादाजी का नाम अकबर महान था।

शाहजहाँ ने ताजमहल का निर्माण अपनी सबसे प्रिय रानी मुमताज महल की याद में करवाया था, क़्योकी मुमताज़ की अचानक मृत्यु के बाद शाहजहाँ अत्यंत दुखी हुये थे।

इसलिए शाहजहाँ ने मुमताज़ की याद में यमुना नदी के किनारे एक ऐसी इमारत (Building) का निर्माण करवाया जिसकी सुंदरता अद्वितीय थी और उसे ताजमहल के नाम से जाना गया।

शाहजहाँ अपने किले से प्रतिदिन अपनी पत्नी की याद में ताजमहल को देखा करता था। यह ताजमहल भी कई कलाओं भारतीय (Indian) मुस्लिम (Muslim)  इस्लामिक (Islamic) तथा पारसी (Parsian) कलाकृतियों का मिश्रण है, इसलिए यह अद्धभुत कारीगरी तथा सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है।

ताजमहल एक ऐसी ऐतिहासिक इमारत (Historical Building) है, जो सुंदरता तथा प्रेम का प्रतीक है। ताजमहल को देखने के लिए लाखों की संख्या में दर्शक (Tourist) आते है।

ताजमहल भारत देश के राज्य उत्तर प्रदेश के नगर आगरा में यमुना नदी के किनारे बना हुआ है, जो मात्र आगरा किले से 2 किलोमीटर ही दूर तथा आगरा किले के सामने है। ताजमहल सफेद संगमरमर (White Marble) पत्थर का प्रयोग करके बनाया गया है

जिसे राजस्थान (Rajsthan) से मंगाया गया था। इसकी कारीगरी और वास्तुकला इस तरीके से की गई है, कि यह दुनिया की सबसे प्रसिद्ध तथा सबसे सुंदर इमारत के रूप में जानी जाती है।


ताजमहल का रहस्य क्या है

ताजमहल का वर्णन discribe about tajmahal 

ताजमहल भारत देश के आगरा नगर में यमुना नदी के किनारे उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है। अगर आप इसकी सुंदरता तथा कलाकृतियों को देखोगे तो आपको अनुमान हो जायेगा की इसके निर्माण में हजारों कारीगरों तथा मजदूरों ने सहयोग किया होगा। 

ताजमहल इतना अधिक सुंदर तथा आश्चर्यजनक (Wonderful) है, जिसे सुंदरता प्रदान करने के लिए समय तो लगा ही होगा।

सम्राट शाहजहाँ वेगम मुमताज को इतना प्यार करता था कि उसकी मृत्यु के बाद उसने अपना होश - हबास खो बैठा और खाना पीना भी छोड़ दिया।

वह मुमताज़ की मृत्यु से इस कदर पागल सा हो गया कि उसने यह निर्णय लिया कि वह मुमताज़ की यादों को भूलने नहीं देगा और उसने किले के ही सामने यमुना नदी के किनारे ताजमहल का निर्माण करने का आदेश दिया

जिसे अनुमानतः 22000 मजदूरों तथा कारीगरों ने चौबीस घंटे मेहनत करके लगभग 22 वर्षों (Twenty two years) में पूर्ण किया।

जिसके निर्माण में भारतीय, मुस्लिम तथा पारसी कलाकृतियों का प्रयोग किया गया है, अधिकतर मुस्लिम इमारतें पारसी कला में निर्मित है जिनमें बलुवा लाल पत्थर का प्रयोग किया गया है,

किंतु शाहजहाँ ने ताजमहल का निर्माण संगमरमर के पत्थरों से करवाया है जिनमें इन पत्थरों की अच्छे से नक्कासी कर इनमें कई प्रकार के रत्नों को जड़ा गया है यह संगमारमार राजस्थान से लाया गया था 

ताजमहल को इस प्रकार सुंदरता प्रदान की गई कि ताजमहल के निर्माण में लगभग 22 प्रकार के संगमरमर के पत्थरों का उपयोग किया गया जिससे ताजमहल की सुंदरता में चार चांद लग गए

ताजमहल में भवनों की संरचना इस प्रकार बनाई गई है कि वह देखने में आकर्षक और लुभावने लगते हैं। ताजमहल के मुख्य कक्ष में मुमताज महल और शाहजहां की नकली कब्रें स्थित हैं 

मुमताज महल की कब्र पर कुरान की आयतें (verses of the quran) लिखी हुई है जो इसकी सुंदरता को और अधिक सुंदर बना देती है।

ताजमहल 41 एकड़ जमीन बना हुआ है जो आकृति मैं वर्गाकार है। ताजमहल के चारों तरफ चारों कोनों पर चार मीनार इसकी सुंदरता बढ़ाती हैं।

ताजमहल के ऊपर एक विशाल गुंबद है जो कि पहले सोने का हुआ करता था किंतु इसे अब कांसे मैं परिवर्तित कर दिया गया है जिसके ऊपर एक चाँद बना हुआ है जो स्वर्ग की ओर इंगित करता है।


ताजमहल का रहस्य क्या है

ताजमहल का रहस्य Taj Mahal facts 

दोस्तों ताजमहल का रहस्य एक ऐसा रहस्य है जो पूरी तरह से अभी तक उजागर नहीं हुआ है। अर्थात यहाँ पर ताज महल के बारे में पूर्णता किसी को ज्ञात नहीं है

कि ताजमहल के बहुत से दरवाजे ऐसे हैं यह भी पता नहीं है कि यह दरवाजा कहाँ खुलते हैं। ताजमहल में ऐसी सुरंग बनी हुई है, जिन्हें अब बंद कर दिया गया है

यहां तक कि भारत सरकार (Indian Givernment) ने भी आदेश दे दिया कि ताजमहल पर कोई भी रिसर्च नहीं करेगा तथा इसके अंदर के सभी दरवाजे तथा रास्ते बंद कर दिए गए इनमें से ताजमहल की कुछ अद्भुत रहस्य आपको बताते हैं इनके बारे में शायद आप नहीं जानते होंगे:- 

खास दरवाजा (Special door) - ताजमहल में ऐसे कई दरवाजे हैं जिन्हें किसी ना किसी मकसद से बनाया गया था। इसी में से एक है, खास दरवाजा ताजमहल में हमेशा शाहजहां इसी दरवाजे से प्रवेश किया करता था।

यह दरवाजा यमुना नदी के किनारे ताजमहल से थोड़ी दूर स्थित है। जहाँ पर नाव के द्वारा जाया जाता है। यह दरवाजा अंतिम समय पर जब शहंशाह शाहजहाँ की मृत्यु (Death) हुई थी

उस समय उनके पार्थिव शरीर को ताजमहल में लाने के लिए खुला था उसके पश्चात इस दरवाजे को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया।

शाहजहां और मुमताज का मकबरा (Tomb of Shah Jahan and Mumtaz) - क्या आप जानते हैं की ताजमहल में शाहजहां और मुमताज़ के असली और नकली दो प्रकार के मकबरे हैं, ऐसा क्यों है?

तो आइए हम आपको बताते हैं कि जब आप ताजमहल देखने जाएंगे तो आपको मुख्य कक्ष में शाहजहाँ और मुमताज के मकबरे देखने को मिलेंगे।

लेकिन यह उनके नकली मकबरे हैं जबकि तहखाने में जाने पर शाहजहाँ और मुमताज महल के असली मकबरे हैं। ऐसा क्यों किया गया इसके बारे में इतिहासकारों ने कई प्रकार के विचार प्रस्तुत किए हैं

कुछ इतिहासकार कहते हैं, इन मकबरों में बेहद कीमती आभूषण पत्थर और रत्न अभी तक छुपे हुए हैं तो कुछ इतिहासकार पूरे ताजमहल में भारत देश की दौलत को छुपा कर रखा गया है ऐसा मानते हैं।

ताजमहल की सच्चाई (Truth of Tajmahal) - वैसे तो आप सभी जानते हैं कि ताजमहल दुनिया भर में अपनी सुंदरता (Beauty) के कारण इतना प्रसिद्ध है की इसकी सुंदरता तथा बनावट में कोई भी कमियाँ निकाल ही नहीं सकता

और सम्राट शाहजहाँ भी यही चाहते थे, कि इस ताजमहल में किसी भी प्रकार की कमी ना हो, किंतु क्या आपने कभी गौर किया है, कि मुमताज की मजार के ठीक ऊपर एक ऐसा छिद्र है, जहाँ से पानी टपकता है

और यह कारीगरों ने जानबूझकर छोड़ा था। क्योंकि उन्हें इस बात का पता चला गया था कि ताजमहल पूर्ण होते ही उनके हाथ काट दिए जाएंगे। इसी प्रकार ताजमहल के जो 11 नक्काशी दार पिल्लर है, उनमें से एक गोलाकार है, जबकि बाकी सभी तिकोने बने हुए हैं।

ताजमहल में किया गया बेहद मजबूत कांच का उपयोग- ताजमहल को इस प्रकार से आकृति दी गई कि वह सुंदर तो है ही साथ ही इतना मजबूत है

कि इस पर गोलियों का भी कोई असर नहीं पड़ता बताया जाता है कि एक बार अंग्रेज अधिकारी ताजमहल के कमरों में प्रवेश करने लगा था किन्तु ताजमहल के कमरे बहुत ही छोटे बने थे

और अंग्रेज को झुकना पसंद नहीं था इसलिए उसने अपनी बंदूक निकाल कर ताज महल के दरवाजे पर सौ फायर किए किंतु फिर भी ताजमहल के दरवाजे का कुछ भी नहीं बिगाड़ पाए क्योंकि

ताज महल के दरवाजे और रोशनदान (doors and skylights) इतने मजबूत काँच के बनाए गए थे कि उन पर गोलियों का भी कोई असर नहीं होता है।

ताजमहल में आज भी है एक पानी का स्रोतताजमहल में एक पानी का स्रोत भी है दुनिया भर के वैज्ञानिक अभी भी इस बात का पता नहीं लगा पाए कि यह पानी का स्रोत आखिर आया कहाँ से पौराणिक मान्यताओं के आधार पर लोग मानते हैं

कि ताजमहल से पहले यहाँ बहुत ही पुराना शिव मंदिर हुआ करता था इसमें एक ऐसा प्राकृतिक शिवलिंग (Natural Shivling) था, जहाँ पर अपने आप पानी रिश्ता था और अभी भी वहाँ से पानी गिर रहा है। इस प्रकार की मान्यता आसपास के लोगों के द्वारा मानी जाती है।

रहस्यमई कमरे (Mysterious rooms) - ताजमहल में नीचे की तरफ भी कई मीटर की दूरी पर विभिन्न कमरों का निर्माण किया गया था. इन्हें हम गुप्त कमरे भी कह सकते हैं

लेकिन अभी तक इस बात का पता नहीं लगाया गया कि इन कमरों का निर्माण क्यों किया गया था और इनका इस्तेमाल किस लिए किया जाता था।

भारत सरकार ने ताजमहल के ऐसे सभी गुप्त दरवाजे बंद कर दिए हैं जिनको के दरवाजों का अभी तक कोई ठिकाना ही नहीं है कि एक कहाँ तक जाते हैं और कहां खुलते हैं।

दोस्तों आपने इस लेख में ताजमहल का रहस्य (Mystery of Tajmahal) तथा ताजमहल की अदभुत आश्चर्यजनक बातों (Taj mahal facts) के बारे में पड़ा आशा करता हूं याद एक आपको अच्छा लगा होगा।

  • FAQ for Tajmahal

Q.1. ताजमहल का निर्माण किसने और कब करवाया था?

Ans. ताजमहल 1632 में मुगल सम्राट शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताजमहल की याद में बनबाया था।


Q.2. क्या ताजमहल पहले शिव मंदिर था?

Ans. बताया जाता है, कि जहाँ ताजमहल है वहाँ 1212 में राजा परमर्दि-देव ने शिव मंदिर वनवाया था जिसे शिवालय कहते थे, और ऐसी मान्यता है, कि ताजमहल के 22 कमरों में मंदिर के अवशेष, देवी देवताओं की प्रतिमाएँ, शिवलिंग और शिलालेख हो सकते है।


Q.3. ताजमहल के नीचे क्या है?

Ans. ताजमहल के नीचे मुमताजमहल और शाहजहाँ की कब्र और 22 दरवाजे है जो 22 कमरों को जाते है, यह रसस्यमयी दरवाजे है, जिनको 1934 के बाद नहीं खोला गया।


Q.4. ताजमहल की 22 कमरों में क्या है?

Ans. ताजमहल के नीचे 22 कमरे है, जिनको 1934 में खोला गया था, तबसे यह कमरे बंद है। इनके बारे में भारत सरकार को भी आधिक जानकारी प्राप्त नहीं है, किन्तु ऐसा अनुमान लगाया जाता है, कि इनमें देवी देवताओं की प्रतिमाएँ और शिलालेख हो सकते है.

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