मेट्रो ट्रेन पर निबंध Essay on Metro train

मेट्रो ट्रेन पर निबंध Essay on metro train 

हैलो दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है, हमारे इस लेख मेट्रो ट्रेन पर निबंध (Essay on metro train) में। दोस्तों इस लेख में आप मेट्रो ट्रेन पर निबंध के साथ मेट्रो ट्रेन परियोजना, 

मेट्रो रेल के लाभ जानेंगे और जानेंगे मेट्रो ट्रेन क्या है? मेट्रो ट्रैन से लाभ और हानि, तो दोस्तों आइए शुरू करते हैं, आज का यह लेख मेट्रो ट्रेन पर निबंध हिंदी में:-

मेट्रो ट्रेन पर निबंध E


प्रस्तावना Preface 

मनुष्य इस सृष्टि की सबसे अद्भुत रचना है, क्योंकि मनुष्य के पास सोचने समझने और विचारने की एक ऐसी अद्भुत क्षमता, शक्ति है,

जो विश्व के किसी भी जीव में नहीं है। इसी कारण मनुष्य आज ऊँचाइयों के शिखर पर पहुँचता जा रहा है। प्राचीन काल में मनुष्य की हालत बहुत ही दयनीय थी।

क्योंकि उस समय किसी भी प्रकार की विशेष सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थी। लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए पैदल चला करते थे, और काफी समय नष्ट हो जाता था जो असुरक्षित भी था।

यहाँ तक कि उन्हें छोटी से छोटी दूरी जाने के लिए कई दिनों तक का भी समय लग जाता था। धीरे-धीरे मनुष्य ने यातायात (Transportation) के लिए जानवरों का इस्तेमाल शुरू कर दिया घोड़ा, गधा, 

बैल ऊंट आदि के द्वारा वे एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते थे। किंतु धीरे-धीरे मनुष्य ने अपनी बुद्धि के बल के द्वारा यातायात के इस प्रकार के साधन उपलब्ध कर लिए जो घंटा तो क्या

मिनटों में कई किलोमीटर की दूरी तय कर लेते हैं। इनमें से एक यातायात का साधन है "मेट्रो ट्रेन सेवा" मेट्रो ट्रेन सेवा विश्व के महानगरों में चलने वाली एक भूमिगत रेल सेवा है, जो सुरक्षित होने के साथ ही साथ आवागमन का एक शक्तिशाली माध्यम है।

मेट्रो ट्रेन पर निबंध Essay on metro train


मेट्रो ट्रेन क्या होती है what is a metro train

मेट्रो ट्रेन यातायात की एक ऐसी सुरक्षित सर्वसुविधा युक्त ट्रेन होती है, जो भूमिगत मार्ग के द्वारा आती जाती है। मेट्रो ट्रेन यातायात की एक ऐसी ट्रेन सेवा है,

जो इलेक्ट्रिसिटी (Electricity) के माध्यम से चलती है, तथा पूरी तरह से प्रदूषण रहित है। मेट्रो ट्रेन सेवा आवागमन का सबसे सस्ता और अच्छा माध्यम है।

जिसमें बहुत ही कम ऊर्जा की हानि होती है मेट्रो ट्रेन दुनिया के कई बड़े महानगरों लंदन, न्यूयॉर्क, कोलकाता मुंबई आदि में अपनी सेवाएँ दे रही है।

मेट्रो ट्रेन का पूरा नाम एमआरटीएस MRTS मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम ( Mass Rapid transport system) होता है।


विश्व की पहली मेट्रो ट्रेन world's first metro train

विश्व की पहली मेट्रो ट्रेन ब्रिटिश की राजधानी लंदन (London) में चलाई गई थी। लंदन में बढ़ती हुई जनसंख्या (Population)  ट्रेफिक (Traffic)  एक्सीडेंट (Accident) और प्रदूषण की स्थिति को ध्यान में रखते

हुए लंदन की एक कमेटी ने 1855 में एक बैठक बुलाई और उस बैठक में इस समस्या के बारे में विचार विमर्श करने के बाद मेट्रो ट्रेन की रूपरेखा तैयार की गई।

तथा लंबे समय से प्रयास करने के बाद लंदन में मेट्रो सेवा (Metro Service) 10 मई 1863 में पेडिंगटन से फेरिंगड़न तक शुरू हो गई।


मेट्रो ट्रेन परियोजना Metro train project

मेट्रो ट्रेन परियोजना (Metro train project) भारत की ही नहीं वरन विश्व की सबसे विश्वसनीय और तीव्रतम ट्रांसपोर्ट परियोजना है। शहरों में बढ़ती हुई जनसंख्या

तथा ट्रैफिक के कारण लोगों को आवागमन (Transport) में सरलता और सुविधा प्रदान करने के लिए भारत सरकार के द्वारा मेट्रो ट्रेन सेवा शुरू की गई।

भारत के शहर कोलकाता में सबसे पहले मेट्रो रेल सेवा की शुरुआत 1984 में की गई थी। कोलकाता में पहली भूमिगत मेट्रो ट्रेन दमदम से टॉलीगंज तक 25 किलोमीटर की दूरी तक चलाई गई।

जिसमें कुल मिलाकर 29 स्टेशन थी। मेट्रो ट्रेन भारतीय रेल के अंतर्गत 17 वे जोन में आती है। जिसका मुख्यालय (Headquarters) कोलकाता में ही है।

दिल्ली में मेट्रो ट्रेन सेवा 25 दिसंबर 2002 से तीस हजारी तथा शाहदरा के बीच चलाई गई थी। आज के समय में दिल्ली मेट्रो में 142 स्टेशन तथा दिल्ली मेट्रो की कुल लंबाई 189 किलोमीटर है।

दिल्ली मेट्रो को यूएस (US) के द्वारा ग्रीनहाउस गैस को कम करने के लिए 2011 में कार्बन क्रेडिट (Carbon Credit) भी प्रदान किया गया। वही दिल्ली मेट्रो सेवा न्यूयॉर्क मेट्रो सेवा के बाद दूसरी आईएसओ सर्टिफाइड (ISO Certified) मेट्रो सेवा है

जिसका आईएसओ नंबर ISO 14001 है। बेंगलुरु में मेट्रो सेवा 20 अक्टूबर 2011 से, मुंबई में 8 जून 2014 से जयपुर में 3 जून 2015 से, चेन्नई में 29 जून 2015 से मेट्रो ट्रेन सेवाएँ संचालित की जा रही है।

आज के समय में भारत के 9 शहरों में मेट्रो ट्रेन सेवाएँ उपलब्ध हैं, जिनमें हैदराबाद, चेन्नई, कोच्ची, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली  लखनऊ, बैंगलोर और जयपुर है। वही भोपाल,इंदौर,

नागपुर, पुणे, गुवाहाटी पटना, केरल के साथ  विशाखापत्तनम विजयवाड़ा आदि शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट (Metro Project) पर काम चल रहा है।


दिल्ली मेट्रो ट्रेन पर पैराग्राफ इतिहास Paragraph on Delhi Metro Train history 

दिल्ली भारत देश की राजधानी (Capital) शहर है, इसके साथ ही दिल्ली में विभिन्न प्रकार के सरकारी और गैर सरकारी कारखाने उपलब्ध होने के साथ ही विभिन्न विभागों के कार्यालय भी मौजूद हैं।

अतः लोग रोजगार के उद्देश्य से दिल्ली शहर में अक्सर जाते हैं। क्योंकि दिल्ली में देश-विदेश के साथ ही भारत देश के उद्योगपतियों (Industrialists) की विभिन्न कंपनियाँ भी स्थापित हैं।

इसलिए दिल्ली में जनसंख्या (Population) भी तीव्र दम गति से बढ़ती जा रही है, अगर इस समय अनुमान लगाया जाए तो दिल्ली की जनसंख्या लगभग दो करोड़ के आसपास होगी,

जिसके कारण दिल्ली में ट्रैफिक दुर्घटनाएँ तथा प्रदूषण का वातावरण हमेशा छाया रहता है। इसलिए दिल्ली के सभी लोगों को इन सभी प्रकार की असुविधा से दूर करने के लिए

दिल्ली मेट्रो कॉरपोरेशन (Delhi Metro Corporation) ने दिल्ली की जनता के लिए मेट्रो रेल सेवा उपलब्ध कराई। दिल्ली में मेट्रो ट्रेन सेवा का उद्घाटन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी ने 24 दिसंबर 2002 को किया

जो तीस हजारी से शाहदरा के बीच चलाई गई थी। जिससे दिल्ली की जनता को प्रदूषण, ट्रैफिक तथा दुर्घटनाओं से काफी हद तक राहत भी मिली।

दिल्ली मेट्रो सेवा अत्याधुनिक तकनीकों से युक्त वातानुकूलित कोच से निर्मित की गई सेवा है। जो सुरक्षित होने के साथ ही बहुत ही

कम समय में व्यक्ति को उसके गंतव्य स्थान पर पहुँचाती है। सभी प्रकार की मेट्रो रेल सेवा शहरों के प्रमुख स्थानों को जोड़ती हैं।


मेट्रो ट्रेन पर दृश्य लेखन visual writing on metro train

मेट्रो ट्रेन सेवा एक ऐसी ट्रेन सेवा है, जहाँ पर एक प्रोफेशनल (Professional) से लेकर एक गरीब मजदूर (Poor labour) भी यात्रा कर सकता है।

क्योंकि इसके नियम और कायदे कानून बड़े ही सरल और सजग भी हैं। मेट्रो में सफर करने के लिए सबसे पहले आपको टिकट जिसे मेट्रो में टोकन के नाम से जाना जाता है,

काउंटर से खरीदना पड़ता है या फिर आप कार्ड की सहायता से भी मेट्रो ट्रेन में सफर कर सकते हैं। मेट्रो ट्रेन 80 किलोमीटर प्रति घंटा के हिसाब से चलती है।

इसे एक इंटरसिटी की कैटेगरी में रखा गया है। मेट्रो ट्रेन स्टेशन पर कम से कम 20 से 50 सेकंड के आस-पास ही रुकती है, इसमें अंदर प्रवेश करने के लिए स्वचालित गेट उपलब्ध होते हैं,

जैसे ही स्टेशन आता है स्वचालित गेट अपने आप खुल जाते हैं, और जैसे ही ट्रेन स्टेशन छोड़ती है, स्वचालित गेट अपने आप बंद होने लगते हैं।

अंदर बैठने के लिए कुर्सियाँ तथा खड़े होने के लिए स्टैंड भी उपलब्ध है। इसके साथ ही मेट्रो ट्रेन सेवा में विकलांग व्यक्तियों के लिए व्हील चेयर तथा लिफ्ट भी उपलब्ध होती है।

मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलते वक्त आपको दिया गया टोकन एक गेट रूपी डिब्बे में डालना पड़ता है जिससे गेट खुल जाता है और आप बाहर निकल पाते हैं।

जिस दिन मेट्रो का शुभारंभ हुआ था। उस दिन पूरे देश में हर्षोल्लास का दिन था और बहुत से लोग मेट्रो का सफर करने के लिए वहाँ पर उपलब्ध भी हो गए थे।

क्योंकि उस दिन मेट्रो का शुभारम्भ और किराया बिल्कुल फ्री था और तब से लेकर आज तक मेट्रो यातायात और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


मेट्रो रेल के लाभ Benefit of metro train 

मेट्रो रेल सेवा के विभिन्न प्रकार के लाभ देखने को मिलते हैं। मेट्रो रेल के लाभ निम्न प्रकार है:- 

  1. मेट्रो ट्रेन सेवा एक ऐसी ट्रेन सेवा है, जो इलेक्ट्रिसिटी के माध्यम से चलती है। इसलिए इसके माध्यम से कोई भी प्रदूषण (Pollution) नहीं होता।
  2. मेट्रो ट्रेन सेवा भूमिगत रेल सेवा है, इसलिए इसके बीच में आने वाले व्यवधान ट्रैफिक की शिकायत भी नहीं होती।
  3. मेट्रो ट्रेन सेवा अत्यंत सुरक्षित यातायात सेवा है, इससे कोई भी एक्सीडेंट (Accident) आदि की कोई भी आशंका नहीं रहती।
  4. मेट्रो ट्रेन सेवा तीव्र गति से चलने वाली सेवा है, जो लगभग 80 किलोमीटर प्रति घंटा के हिसाब से चलती है, इसलिए यह गंतव्य स्थान पर बहुत ही कम समय में पहुँच आती है।
  5. मेट्रो ट्रेन सेवा में किराया भी बहुत ही न्यूनतम लिया जाता है, जिससे लोगों को अन्य माध्यम से अधिक किराया भी नहीं देना पड़ता।
  6. मेट्रो में दिल्ली सफर करने वाले व्यक्तियों के लिए कार्ड भी उपलब्ध है, जिसे रिचार्ज करवा कर आप मेट्रो ट्रेन का सफर का अनुभव ले सकते हैं।
  7. मेट्रो ट्रेन में महिलाओं के लिए भी विशेष सुरक्षा सीसीटीवी कैमरा तथा गार्ड भी उपलब्ध होते हैं।
  8. मेट्रो ट्रेन में किसी प्रकार की छीना झपटी चोरी अपराधी प्रवृतियाँ पूर्णता वर्जित होती हैं।
  9. मेट्रो ट्रेन में विकलांग व्यक्तियों के लिए तथा किसी भी स्थिति में अस्वस्थ व्यक्तियों के लिए डॉक्टर तथा चिकित्सीय सुविधाएँ उपलब्ध होती हैं।
  10. मेट्रो ट्रेन सेवा पूर्णता वातानुकूलित तथा विश्वसनीय ट्रेन सेवा है।

मेट्रो से हानि Losses of Metro

मेट्रो ट्रेंन में सफर करने से व्यक्ति को कई शारीरिक हानियों का सामना करना पड़ता है। और सबसे अधिक परेशानी बच्चों महिलाओं बुजुर्गो और रोगियों को होती है। मेट्रो ट्रेंन चारों तरफ से बंद रहती है,
और गेट केवल स्टेशन पर खुलते है इसलिए लोगों को घुटन सी महसूस होने लगती है ज्यादा देर तक खड़े होने से रीढ़ की शिकायते आती है। वहीं मेट्रो का नुकसान में पर्यावरण भी प्रभावित होता है, रेल लाइन बिछाने पर पेड़ पौधों को नष्ट कर दिया जाता है।

निष्कर्ष Conclusion 

इस लेख में आपने मेट्रो ट्रेन सेवा पर निबंध (Essay on Metro train) के साथ ही मेट्रो ट्रेन सेवा क्या है? मेट्रो ट्रेन परियोजना के साथ ही मेट्रो ट्रेन के लाभ तथा हानि आदि

महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में जाना आशा करता हूँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा। कृपया इस साइट को सब्सक्राइब तथा पोस्ट को शेयर जरूर करें।

धन्यवाद 

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