थकान और कमजोरी के लक्षण | Symptoms of fatigue and weakness

थकान और कमजोरी के लक्षण

थकान और कमजोरी के लक्षण Symptoms of fatigue and weakness 

हैलो दोस्तों आपका इस लेख थकान और कमजोरी के लक्षण में बहुत - बहुत स्वागत है। दोस्तों इस लेख में आप  थकान किसे कहते है,

थकान के कारण क्या है, थकान के लक्षण क्या है, आदि महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में जानेंगे। इसके साथ ही आप जानेगे की थकान से मुक्त किस प्रकार से होना है,

क्योंकि थकान एक ऐसी परिस्थिति है जिसमें किसी प्रकार के कार्य करने में मन नहीं लगता तो दोस्तों आइये शुरु करते हैं आज का यह लेख थकान और कमजोरी के लक्षण:-

थकान के कारण

थकान किसे कहते हैं What is fatigue

थकान एक प्रकार की वह शारीरिक परिस्थिति होती है, जो प्रत्येक प्रकार के कार्य करने के पश्चात आती है। जब मेहनत का काम अधिक किया जाता है,

और शरीर से ऊर्जा का हास हो जाता है, तब थकान उत्पन्न होती है। इसलिए साधारण शब्दों में कह सकते हैं, कि अधिक कार्य करने की दशा में जब व्यक्ति की क्षमता तथा शक्ति कम हो जाती है,

तथा वह अन्य कार्य को सही प्रकार से नहीं कर पाता है। उस स्थिति को हम थकान कहते हैं, समान्यत: थकान दो प्रकार की होती है, एक मानसिक थकान दूसरी शारीरिक थकान मानसिक थकान वह थकान होती है,

जिसमें मनुष्य किसी तकनीकी कार्य को करते हुए थक जाता है और उसका उस कार्य करने में मन नहीं लगता उस स्थिति को मानसिक थकान कहते हैं।

जबकि शारीरिक थकान में ऊर्जा का हास होता है जिसके कारण शरीर कार्य नहीं करता और आलस्य आता है, वही थकान कहलाती है।

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थकान के प्रकार type of fatigue 

थकान दो प्रकार की होती है, मानसिक थकान और शारीरिक थकान

मानसिक थकान किसे कहते है

मानसिक थकान थकान की वह स्थिति होती है, जिसमें किसी भी कार्य करने में मन नहीं लगता।

मन बिचलित सा होता है और बेचैन होता है,  सुस्ती सी बनी रहती है और निद्रा दिखाई देती है। जो कई प्रकार से घातक भी सिद्ध होती है,

अगर आप ड्राइविंग कर रहे हैं और आपको मानसिक थकान हैं तो यह एक्सीडेंट का कारण भी बन सकती है।

शारीरिक थकान किसे कहते है 

शारीरिक थकान शरीर की मांसपेशियों की क्षमता पर निर्भर करती है जब शरीर से ऊर्जा का अधिक हाथ हो जाता है

तब शारीरिक थकान देखी जाती है इस स्थिति में किसी भी कार्य ठीक प्रकार से नहीं कर पाते है, और करते है तो गलतियां होने लगती है।

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आलस्य और थकान के कारण Causes of laziness and fatigue

थकान के विभिन्न प्रकार के कारण हो सकते हैं, जो निम्न प्रकार से वर्णित हैं

1.शारीरिक अयोग्यता थकान का मुख्य कारण माना जाता है, जैसे कि अपौष्टिक भोजन ग्रहण ना करना, शारीरिक रोग होना आदि के कारण शरीर की थकान उत्पन्न होने लगती है।

2. मांसपेशियों के उचित उपयोग के आभाव या पौष्टिक भोजन के अभाव के कारण भी मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और व्यक्ति मेहनत का काम करने पर थक जाता है।

3. खून में अनुपयुक्त मात्रा में ऑक्सीजन तथा रक्त कणिकाओं का कम मात्रा में होना आदि भी थकान का कारण मानी जाती है।

4. किसी भी परीक्षा में असफल हो जाने का भय किसी कार्य को करते समय डरना अधिक महत्वकांक्षा रखना पूरी तरह से नींद ना लेना आदि भी थकान के कारण होते हैं।

5. अधिक देर तक कार्य करना, ठीक प्रकार से खाना ना खाना देर रात तक जागना अधिक मनोरंजन करना और शोरगुल युक्त पर्यावरण में रहना भी थकान का कारण होता है।

6. विद्यार्थियों के लिए कक्षा में प्रकाश की कमी खाना खाने के तुरंत बाद अध्ययन करना तथा विद्यालय के द्वारा अधिक कार्य दिया जाना भी थकान का कारण होता है।

थकान के लक्षण Symptoms of fatigue 

थकान के कई प्रकार के लक्षण उस वक्त दिखाई देते हैं जब शरीर की ऊर्जा का हास अधिक हो जाता है।

1. जब शरीर थक जाता है तब बार बार जम्हाई आती 

2. किसी भी प्रकार के कार्य करने की अनिच्छा थकान का लक्षण है। 

3. थकान के कारण शरीर में हर जगह दर्द होने लगता है। 

4. शारीरिक सुस्ती और ढीलापन होना थकान का लक्षण है। 

5. कोई भी कार्य करने की गति कम हो जाना तथा कार्य करने में मन नहीं लगना 

6. थकान के कारण चेहरे की रौनक चली जाती है।

7. आंखों में सुस्ती रहती है और निद्रा आने लगती है।

8. थकान के कारण कोई भी कार्य करने में गलतियाँ होती है।

9. थका हुआ व्यक्ति बार-बार आसन बदलता है। 

10. मन को एकाग्र ना कर पाना ध्यान भटकना बैचेनी होना भी थकान के लक्षण है। 

11. कंधे लटक जाना झुक कर बैठना और दीवालों से टिकना भी थकान के लक्षण होते है।

थकान दूर करने के उपाय Remedies to relieve fatigue

थकान दूर करने के विभिन्न उपाय हैं जिनमें से कुछ निम्न प्रकार हैं:- 

1. किसी भी कार्य को लंबे समय तक ना किया जाना चाहिए, अगर कार्य लम्बे समय तक करेंगे तो शरीर की ऊर्जा का हास अधिक होगा और थकान उत्पन्न होने लगेगी 

2. प्रकाश एवं वायु की उपयुक्त सुविधा होने पर थकान बहुत कम होती है, इसी लिए अच्छे पर्यावरण में रहना चाहिए 

3. विद्यार्थियों को लगातार कठिन विषय ना पढ़ाए जाने चाहिए, बीच बीच में उन्हें मनोरंजन तथा रोचक विषयों का भी ज्ञान दिया जाना चाहिए 

4. उपयुक्त आसन रखने के लिए उपयुक्त व्यवस्था जैसे विद्यार्थियों के लिए टेबल डेस्क का व्यवस्थीकरण होना चाहिए।

5. छात्रों को विषय समय चक्र की भांति पढ़ाना चाहिए, जिससे उन्हें आराम के लिए समय मिल सके. 

6. अधिक मेहनत और कार्य करने वाले लोगों के लिए पौष्टिक और संतुलित आहार लगभग 3500 केलोरी का भोजन तथा विधार्थियों के लिए लगभग 2500 केलोरी का भोजन उपलब्ध होना चाहिए।.

7. विधार्थियो को नित्य प्रति एक्सरसाइज योगा ध्यान करना चाहिए जिससे मशपेशियों पुष्ट तथा मन शांत रहता है। 

8. विद्यार्थियों के विद्यालय का दैनिक कार्यक्रम लंबा ना होना चाहिए, अगर विद्यालय का दैनिक कार्यक्रम लम्बा होगा तो विधार्थियों मे अालस्य और थकान उत्पन्न होने लगेगी 

9. विधार्थी तथा सभी लोगों को 6 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद अवश्य लेना चाहिए।

थकान और कमजोरी की दवा Medicine of fatigue and weakness

थकान और कमजोरी दूर करने के लिए विभिन्न प्रकार के न्यूट्रिएंट्स और सप्लीमेंट्स उपलब्ध हैं, जो विटामिन और ऊर्जा के पोषक पदार्थों से उचित मात्रा में भरे होते हैं।

थकान और कमजोरी की दबा में सबसे प्रमुख चवनप्राश है, चवनप्राश नित्य प्रति सुबह खाने से शरीर में नई ऊर्जा का विकास होता है. चेहरे पर चमक और रौनक आती है।

वहीं दूसरी और नींबू पानी का उपयोग थकान और कमजोरी की एक बेहतरीन दवा है। इसके साथ ही ग्रीन टी एनर्जी लेवल बढ़ाकर थकान और कमजोरी को दूर करती है।

थकान और कमजोरी को दूर करने के लिए कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन वसा फाइबर से युक्त भोज पदार्थों का सेवन करना हितकारी होता है.

दोस्तों इस लेख में आपने थकान किसे कहते हैं थकान के कारण लक्षण तथा उपचार के बारे में पढ़ा आशा करता हूं यदि आपको अच्छा लगा होगा.

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