भैंस पर निबंध Essay on buffalo in hindi

भैंस पर निबंध Essay on buffalo in hindi 

हैलो दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है, हमारे इस लेख भैंस पर निबंध हिंदी में (Essay on buffalo in hindi)। दोस्तों इस लेख में आप भैंस पर निबंध पड़ेंगे जो कक्षा

1,2,3,4,5,6,7,8,9,10,12 तथा उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा। भैंस पर निबंध छोटी कक्षाओं के साथ उच्च कक्षाओं में भी पूछा जाता है।

इस लेख से आप भैंस पर निबंध लिखने का आईडिया भी ले सकते हैं, क्योंकि यहाँ पर भैंस के बारे में समस्त जानकारी दी गई है। तो दोस्तों आज शुरू करते हैं, यह लेख भैंस पर निबंध हिंदी में:-

भैंस पर निबंध

भैंस क्या है what is buffalo

भैंस एक स्तनधारी (Mammal) जानवर है, जिसे आमतौर पर घरों में पाला जाता है। भैंस समानतया काले रंग की होती है, किंतु भैंस की कुछ प्रजातियाँ भूरे रंग की भी होती हैं।

भैंस बड़ा ही सीधा एक स्तनधारी प्राणी होता है, जो गांव में अक्सर देखा जा सकता है। भैंस विभिन्न देशों में पाई जाती है, जो अक्सर मैदानी क्षेत्रों में ही रहती है।

भैंस एक विशाल जानवर होता है, जो मनुष्य के लिए बहुत उपयोगी और महत्वपूर्ण होता है। बहुत से लोग भैंस का उपयोग माँस के रूप में खाने के लिए भी करते हैं, जो एक पाप कार्य है।

तोता पर निबंध

भैंस पर निबंध

भैंस कहाँ रहती है where does buffalo live 

आमतौर पर भैंसों को घरों में ही देखा जाता है, क्योंकि वह एक पालतू जानवर (Pet Animal) है, जिन्हें मुख्य तौर पर दूध के लिए पाला जाता है।

जबकि भैंसे कों उसके वीर्य (Semen) बेचने के लिए पाला जाता है। बहुत से लोग भैंसों को व्यवसाय के तौर पर पाला करते हैं, जिनके लिए वे बड़े या छोटे डेरी फॉर्म (Dairy farm) भी खोलते हैं।

एक छोटे से छोटे डेरी फॉर्म में कम से कम 5 से 10 भैंस अवश्य पाली जाती हैं, जबकि बड़े-बड़े डेरी फॉर्म में 25 से 50 तक भैंसों को पाला जाता है।

भैंसे जंगलों में भी रहती हैं, जो घरेलू भैसों (Domestic Buffalo) से अधिक ताकतवर और बड़ी होती हैं।

चीता पर निबंध

भैंस क्या खाती है what does buffalo eat

भैंस एक शाकाहारी जानवर होती है, जो हरी घास,भूसा खाना पसंद करती है। अधिक दूध प्राप्त करने के लिए पैसों को अच्छा आहार दिया जाता है।

जिनमें उन्हें आटा और सरसों की खली जिसे पीना कहते हैं, खिलाया जाता है। कभी-कभी भैंसों को गुड भी दिया जाता है। भैंसों का सबसे मनपसंद खाना लपटा होता है,

जिसे गेहूं का आटा, जौ का आटा तथा सरसों की खली मिलाकर बनाया जाता है, जबकि जंगली भैंसे कंदमूल, फल, पत्तियां घाँस खाती है।

भैंसों की प्रजातियाँ Species of buffalo

भैंस एक स्तनधारी दुधारू पशु है, जिसे घरों में दूध के लिए तथा डेरी फॉर्म में दूध के व्यवसाय के लिए पाला जाता है। भैंस का वैज्ञानिक नाम बुबालस बुबेलिस है।

इनकी प्रजातियाँ भी अलग-अलग होती हैं, जिनकी आकृति आकार तथा दूध  की मात्रा भिन्न-भिन्न होती है।भैंस की कुछ प्रजातियाँ निम्न प्रकार से हैं:- 

मुर्रा भैंस - मुर्रा भैंस भैंसों की प्रजातियों में सबसे अच्छी प्रजाति वाली भैंस होती है, जो हरियाणा और पंजाब के क्षेत्रों में अधिक पाई जाती है। यह भैंस एक बार में कम से कम 5 से 8 लीटर तक दूध देती है।

जाफरादारी - इस भैंस की नस्लें गुजरात के क्षेत्रों में अधिक पाई जाती हैं। यह नस्ल अन्य नस्लों की तुलना में भारी नस्ल होती है। जाफराबादी भैंस 1 बार में कम से कम 7 से 8 लीटर दूध देती है।

भदावरी - भदावरी नस्ल की भैंस का ग्रह स्थान उत्तर प्रदेश के आगरा के पास भदावरी तहसील है। यह भैंस भी गुजरात के कच्छ प्रदेश में अधिक पाई जाती है, जो एक बार में 4 से 5 लीटर दूध देती है।

मेहसाना - मेहसाना नस्ल की भैंस का ग्रह स्थान गुजरात ही है। इसकी उत्पत्ति सुस्ती नस्ल और मुर्रा नस्ल के सहयोग से हुई है, जो 1 बार में 5 से 8 लीटर तक दूध दे सकती है।

इनके साथ ही भैंस की अन्य नस्ले है जैसे कि सुरती, गोदावरी, नागपुरी, तराई, संबलपुरी, टोडा आदि भैंस की नस्लें जो 4 से 5 लीटर दूध एक बार में अवश्य देती हैं।

भैंस के बारे में अन्य जानकारी Other information about buffalo

भैंस एक काले रंग का स्तनधारी पशु होता है,  जिसका जीवन काल 20 से 25 वर्ष का होता है। एक स्वास्थ्य भैंस का वजन लगभग 900 kg तथा

ऊंचाई 4 से 5  फीट और 5 से 7 फीट लंबाई हो सकती है। भैंस की चमड़ी मोटी होती है, जिस पर काले काले तथा भूरे भूरे बाल पाए जाते है।

भैंस के चार मजबूत पैर दो सींग तथा एक लंबी पूंछ होती है। उसके द्वारा वह अपने ऊपर आने वाले कीड़ों को हटाया करती है।

भैंस को कीचड़ में रहना अधिक पसंद होता है, इसलिए गर्मियों के दिनों में भैंस आसपास के पोखर तालाबों में देखी जा सकती हैं।

एक भैंस का गर्भकाल 9 महीने के आसपास का होता है, जबकि वह 6 महीने तक अपने बच्चे को अपना दूध पिलाती है। इसके बाद उसका बच्चा घाँस खाने लगता है, जिसे बछड़ा कहा जाता है।

भैंस का महत्व Importence of buffalo

भैंस एक पालतू पशु है, जिसे दूध के लिए पाला जाता है। भैंस का दूध बड़ा ही पौष्टिक होता है। क्योंकि इसमें विभिन्न प्रकार के विटामिंस और मिनरल्स पाए जाते हैं।

जो शरीर को लोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। भैंस के दूध में लगभग 13% बसा होता है, जो हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता देने के साथ ही

शरीर को सुन्दर तथा मजबूत बनाती है, और शरीर के तापमान नियमन में मदद करती है। भैंस के दूध से विभिन्न प्रकार की मिठाईयाँ, मट्ठा, दही, लस्सी भी बनाई जाती हैं,

जबकि भैंस के गोबर का उपयोग कंडे बनाने में काम आता है, जिनका उपयोग हम ईंधन रूप में करते हैं। भैंस के जो बछड़ा उत्पन्न होता है,

बड़ा होने पर उसका सीमन या वीर्य बेचकर धन कमाया जाता है। इसलिए भैंस मनुष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए लोग भैंसों को अपने घरों में पालते हैं

और उन्हें अपने परिवार के सदस्य की भांति प्यार भी करते हैं, उनकी देखरेख भी करते हैं। परिवार के सदस्य और भैंस के बीच एक ऐसा प्यार का

रिश्ता कायम हो जाता है, कि भैंस अपने मालिक को देख कर उसे स्वतः ही पहचान लेती है।

निष्कर्ष Conclusion 

संसार में बहुत से जीव जंतु होते हैं, इनमें से एक भैंस है। भैंस मनुष्य के लिए बहुत ही उपयोगी जानवर है, क्योंकि यह बहुत ही सीधी जानवर होती है।

जो घरों में रहती है और हमें दूध देती है। लेकिन बहुत से लोग इसका उपयोग माँस के लिए भी करते हैं, जो एक पाप है। अतः लोगों को इस प्रकार के पाप कर्म नहीं करना चाहिए।

दोस्तों आपने इसलिए एक में भैंस पर निबंध (Essay on buffalo in hindi) पड़ा आशा करता हूँ, यह लेख आपको अच्छा लगा होगा कृपया इस लेख को शेयर जरूर करें।

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