ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध Essay on online education

ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध

ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध Essay on online education in hindi 

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, आज के इस लेख ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध (Essay on online education in hindi) में। दोस्तों आज हम यहाँ ऑनलाइन शिक्षा का महत्व पर निबंध लेकर आये है,

जो कक्षा 5 से 12 वीं तथा उच्च कक्षाओं में अवश्य पूँछा जायेगा। दोस्तों यहाँ से आप ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध लिखने का आइडिया भी ले सकते है। तो आईये दोस्तों शुरू करते है, यह लेख ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध:-

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ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध 100 शब्दों में Essay on online education in 100 words 

ऑनलाइन शिक्षा को इंटरनेट (Internet) आधारित शिक्षा कहा जाता है। कियोकि यह वो शिक्षा है जो इंटरनेट के बिना आरम्भ नहीं हो सकती।

साधारण शब्दों में कह सकते है, कि ऑनलाइन शिक्षा वह शिक्षा है, जिसमें मोबाइल, कंप्यूटर आदि तकनीकी साधन के माध्यम से घर बैठे शिक्षा प्राप्त कर सकते है।

शिक्षा का यह माध्यम लम्बे समय से उच्च शिक्षा के लिए उपयोग होता था किन्तु इस शिक्षा का चलन कोरोनावायरस महामारी (Covid-19) के समय

और अधिक बढ़ गया है, किन्तु सरकार को इसे और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए कदम उठाना चाहिए विद्यालय प्रशासन को भी इस पर ध्यान देना चाहिए।

ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से छात्र घर पर ही माता - पिता के सामने अध्ययन करते है, और बच्चों की फीस, समय आदि की भी बचत होती है। 

किन्तु दूसरी तरफ ऑनलाइन शिक्षा का बच्चों पर बुरा प्रभाव भी पड़ रहा है। बच्चे मोबाइल पर गेम,व्हाट्सप्प, (whatsapp) फेसबुक (facebook) आदि सोशल मीडिया पर समय नष्ट करते है

और फ़िल्म विडिओ देख बुरी प्रवृति सीखते है। इसलिए ऑनलाइन शिक्षा में माता-पिता को बच्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए तभी ऑनलाइन शिक्षा का उद्देश्य पूर्ण हो सकता है।

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ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध


ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध 200 शब्दों में Essay on online education in 200 words 

ऑनलाइन शिक्षा तकनीकी साधनों तथा इंटरनेट की सहायता से घर बैठे शिक्षा प्राप्त करने की तकनीकी है।आज के समय में ऑनलाइन शिक्षा (Online Education) शिक्षा की ऊँचाइयों को छू रही है।

क्योंकि छोटी कक्षाओं से लेकर बड़ी कक्षाओं की क्लासेज भी ऑनलाइन आयोजित की जा रही हैं। ऑनलाइन शिक्षा तकनीकी साधनों के माध्यम से और अधिक सुरक्षित और विकसित हो गई है।

स्मार्टफोन मोबाइल, कंप्यूटर के द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Vedio Confrensing) के जरिए ऑनलाइन शिक्षा दी जाती है। जिसमें शिक्षक अपने घर पर बैठकर विद्यार्थियों को पढ़ाता है। तथा उन्हें उनके सब्जेक्ट के बारे में समझाता है।

ऑनलाइन क्लास में शिक्षक नोट्स भी प्रदान करता है, जो आप हार्ड कॉपी (Hardcopy) और सॉफ्टकॉपी (Softcopy) के रूप में भी सेव कर सकते हैं।

ऑनलाइन क्लासेस कोरोनावायरस महामारी (coronavirus pandemic) के समय शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम भूमिका निभा रही है, जिसके द्वारा बच्चे इस महामारी के संक्रमण से मुक्त होकर घर बैठकर ही शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

दूसरा उन्हें स्कूल जाने की जरूरत नहीं पड़ती और माता-पिता के संरक्षण में रहकर शिक्षा से संबंधित समस्याओं का समाधान भी कर पाते हैं।

किंतु ऑनलाइन शिक्षा के दुष्प्रभाव भी हैं, लगातार मोबाइल, कंप्यूटर के संपर्क में रहने पर बच्चों की आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

मोबाइल तथा लैपटॉप में इंटरनेट होने से व्हाट्सएप, फेसबुक आदि सोशल मीडिया जैसे प्लेटफार्म पर चैटिंग वीडियो अपलोड करके अपना समय बर्बाद करते हैं।

कुछ बच्चें तो गेम के इतने आदी हो जाते हैं, कि उनका मन पढ़ाई में ही नहीं लगता। ऑनलाइन शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए माता-पिता को अपने बच्चों पर विशेष ध्यान देना होगा तभी ऑनलाइन शिक्षा का उद्देश्य पूर्ण हो सकता है।

ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध 300 शब्दों में Essay on online education in 300 words 

ऑनलाइन शिक्षा वह शिक्षा है, जिसमें तकनीकी साधनों के माध्यम से शिक्षार्थी तथा शिक्षक दोनों अपने घरों पर बैठकर संबंध स्थापित करते हैं और शिक्षण कार्य करते हैं। ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से

एक समय पर एक से अधिक विद्यार्थियों को भी जोड़ा जा सकता है। नई दूर संचार संप्रेषण तकनीकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Vedio Confrensing) ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Audio Confrensing) के जरिए हम शिक्षार्थियों को देख सकते हैं, उनकी आवाज को सुन सकते हैं।

जो शिक्षा के क्षेत्र में अधिक प्रभावी तरीका है और जब कोरोनावायरस जैसी महामारी संपूर्ण विश्व में व्याप्त है। उस समय शिक्षा के क्षेत्र में यह काफी लोकप्रिय हो रही है। ऑनलाइन शिक्षा को

शिक्षा का दर्जा 1993 में प्राप्त हो गया था। तबसे ऑनलाइन शिक्षा प्रचलन में है, किन्तु पहले उच्च शिक्षा (Higher education) तथा दूरस्थ शिक्षा (Distance education) के लिए ऑनलाइन शिक्षा का विकल्प था, किन्तु आज के समय में महामारी के कारण

छोटी क्लास के छात्र भी ऑनलाइन शिक्षा के द्वारा शिक्षित किये जा रहे है। इसमें बच्चों को तकनीकी माध्यम से शिक्षा प्रदान की जा रही है।

शिक्षण में आने वाली परेशानियों को माता-पिता की सहायता से आसानी से सुलझा सकते हैं। विद्यालय आने जाने का झंझट नहीं रहता, बच्चों को लाने ले जाने की परेशानी नहीं होती,

यहाँ तक कि माता-पिता के सामने बैठकर बच्चे शिक्षण कार्य करते हैं। किंतु दूसरी तरफ ऑनलाइन शिक्षा के दुष्प्रभाव बच्चों में उत्पन्न होते जा रहे हैं।

क्योंकि ऑनलाइन शिक्षा में शिक्षक (Teacher) का नियंत्रण छात्रों पर उस समय तक ही रहता है, जब तक यह दोनों ऑनलाइन रहते हैं।

शिक्षण कार्य होने के बाद उत्सुक छात्र इंटरनेट पर विभिन्न प्रकार की सामग्रियाँ खोजते हैं और अश्लील फोटो तथा वीडियो देखने लगते जिससे छात्र-छात्राओं के मन पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

वहीं बहुत से छात्र-छात्राएँ सोशल मीडिया पर चैटिंग करते हैं, वीडियो अपलोड करते हैं, और अपना समय नष्ट करके अपने मन मस्तिष्क (Mind) को बुरी तरह प्रभावित करते हैं।

इसलिए ऑनलाइन शिक्षा में माता-पिता को अवश्य अपने बच्चों पर ध्यान देना चाहिए कि यह ऑनलाइन शिक्षा के बाद क्या कर रहे हैं।

बच्चों को मोबाइल, कंप्यूटर से दूरी बनाने के लिए भी समझाइश देनी चाहिए। तथा बच्चे किस प्रकार मोबाइल, कंप्यूटर का उपयोग कर रहे है उन पर ध्यान देना चाहिए तभी जाकर ऑनलाइन शिक्षा का उद्देश्य सफल (Success) हो सकता है।

ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध Essay on online education 

यहाँ पर ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध दिया गया है। जो कक्षा 5 से लेकर 12 वीं तथा उच्च कक्षाओं के छात्रों के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है।

ऑनलाइन शिक्षा क्या है what is online education 

आज के समय में बढ़ते हुए तकनीकी क्रान्ति के कारण तथा समय की कमी और दूरी के कारण ऑनलाइन शिक्षा का विकल्प सामने आया है।

तकनीकी साधनों की सहायता से विधार्थी अपने घर बैठकर अध्ययन करने की सुविधा प्राप्त करता है। उसे ही ऑनलाइन शिक्षा कहा जाता है।

साधारण शब्दों में कह सकते है, कि वह शिक्षा जिसमें विद्यालय (School) या कॉलेज (Collage) जाने की जरूरत नहीं होती और शिक्षक तथा शिक्षार्थी के मध्य स्मार्टफोन, कंप्यूटर आदि

की सहायता से विडिओ कॉन्फ्रेंसिंग, ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये ऑनलाइन सम्बन्ध स्थापित होता है जिसमें शिक्षक शिक्षार्थी को व्याख्यान देता है,

उसे नोट्स पुस्तक आदि की सहायता से पढ़ाता है उसे ऑनलाइन शिक्षा कहते है। ऑनलाइन शिक्षा विडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रभावशाली होती है,

इस तकनीकी में शिक्षक और कई शिक्षार्थी एक समय पर कंप्यूटर (Computer) स्मार्टफोन (Smartphone) तथा इंटरनेट के जरिये जुड़ जाते है। विडिओ कॉन्फ्रेंसिंग की सबसे बड़ी विशेषता है

कि इसमें शिक्षक और शिक्षार्थी एक दुसरे को देख सकते है, सुन सकते है, और हाव भाव समझ सकते है। इसके साथ ही लिखित सामग्री नोट्स आदि भी कंप्यूटर, स्मार्टफोन पर प्राप्त कर सकते है। 

ऑनलाइन शिक्षण प्रिक्रिया Process of online education 

ऑनलाइन शिक्षा के बाद यह समझना बहुत जरूरी है कि ऑनलाइन शिक्षा कैसे दी जाती है। बड़े - बड़े विद्यालयों तथा उच्च शिक्षण संस्थान में विकसित ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था है।

साधारण तरीके से ऑनलाइन शिक्षण के लिए शिक्षक के पास कैमरा युक्त कंप्यूटर तथा मजबूत इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए। तथा छात्रों के पास कंप्यूटर या स्मार्टफोन इंटरनेट कनेक्शन के साथ होना चाहिए।

कुछ शिक्षक जूम एप्प (Zoom App) के जरिये छात्रों को ऑनलाइन जोड़ते है और लिखित सामग्री को स्क्रीन पर बच्चों को समझाते है। इस प्रिक्रिया में अन्य एप्प्स स्क्रीन रिकॉर्डर का भी उपयोग कर सकते है,

छात्र अपनी जिज्ञासा तथा प्रश्नों को शिक्षक से पूँछता है और प्रश्न करता है, तथा महत्वपूर्ण बिंदु अपनी नोटबुक में नोट भी करता है।

शिक्षण कार्य समाप्त हो जाने पर शिक्षक व्हाट्सप्प के जरिये बच्चों को विषय सामग्री उपलब्ध कराता है और बच्चे नोटबुक पर नोट करते है।

उच्च शिक्षा के लिए यूट्यूब (Youtube) के द्वारा लाइव शिक्षा दी जाती है इसमें आप केवल शिक्षक को देख सकते है, और कमेंट के द्वारा अपने प्रश्न पूँछ सकते है,

इसके साथ ही विभिन्न प्रकार वेबसाइट लर्निंग वेब कंप्यूटर कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा तथा अन्य कई प्रभावी तारीकों से शिक्षण कार्य किया जाता है। 

ऑनलाइन शिक्षा का बच्चों पर असर Effect of online education on Children 

कोरोनावायरस ने हमारे दुनिया को ऐसी स्थितियाँ दीं जिसकी किसी ने भविष्यवाणी नहीं की होगी। हमारे जीवन में पहली बार,

दुनिया भर में लाखों लोगों को लॉकडाउन (Lockdown) पर रखा गया था, और सभी ने वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लासरूम जैसे विकल्पों को देखा।

कोरोना वायरस (कोविड-19) के चलते देश के कई हिस्सों में लॉकडाउन लागू कर दिया गया था और सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए थे,

क्योंकि इस कोरोना के संक्रमण के दौरान स्कूली बच्चे संक्रमण की चपेट में सबसे ज्यादा और जल्दी आते हैं। इसलिए संक्रमण अधिक बढ़ने की सम्भावना थी।

अतः सरकार ने अनिवार्य कर दिया कि ऐसे सभी बच्चे ऑनलाइन शिक्षा लें। यदि आपका कोई बच्चा ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेता है,

तो आपको इस ऑनलाइन कक्षा (Online Class) के अपने बच्चे पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जानने के लिए इस लेख को पढ़ना चाहिए।

ऑनलाइन शिक्षा के फायदे Benifit of online education 

अगर आपके घर का कोई बच्चा ऑनलाइन क्लास ले रहा है, तो उसे ऐसा करने से कई फायदे होंगे। बच्चों और उनके माता-पिता के लिए इस ऑनलाइन क्लास के फायदे नीचे दिए गए हैं:-

  1. यदि आपका बच्चा ऑनलाइन क्लास ले रहा है, तो इस समय ऑनलाइन कक्षाओं का सबसे बड़ा लाभ यह है, कि सभी युवा अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं, भले ही चरण परिवर्तन प्रभावी हो, और ऐसा करने के लिए उन्हें स्कूल जाने की भी आवश्यकता नहीं है। उन्हें इंटरनेट के माध्यम से अपनी कक्षा के सभी विषयों की जानकारी शिक्षा दी जाती है।
  2. ऑनलाइन शिक्षा के कारण बच्चों को अब उतना समय पढ़ाई में नहीं लगाना पड़ता जितना स्कूल में खर्च करना पड़ता था। उनके समय की बचत होती है। इसके अलावा, बच्चे अब स्कूल जाने से ऊब नहीं रहे हैं, जो एक महत्वपूर्ण लाभ है।
  3. ऑनलाइन शिक्षा से स्कूली बच्चों का समय बचेगा और उन्हें अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताने का मौका मिलेगा। आज के समय में ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने का यह एक महत्वपूर्ण लाभ है।
  4. ऑनलाइन क्लास लेते समय बच्चा हमेशा अपने माता या पिता की निगरानी में रहता है, इसलिए अगर उसे पढ़ाई में कोई दिक्कत आती है, तो उसके माता-पिता उसकी मदद कर सकते हैं।
  5. इससे बच्चे का आत्म-विश्वास (Self-confidence) बढ़ता है और उसे पढ़ाई में आसानी होती है।
  6. चूंकि बच्चे इस समय स्कूल नहीं जा रहे हैं, इसलिए बच्चों के माता-पिता द्वारा उन्हें स्कूल लाने और ले जाने में होने वाले खर्च से बचा जा सकेगा और अधिक फीस भी नहीं देनी होगी।
  7. अब, बच्चों के माता-पिता एक अलग ऑनलाइन कोर्स में नामांकन कर सकते हैं जो उनके बच्चों के लिए फायदेमंद होगा।
  8. ऑनलाइन क्लास में बच्चे घर पर बैठकर ऑनलाइन क्लास से पढ़ाई करते हैं, जबकि पहले उन्हें स्कूल जाना पड़ता था और उनकी पढ़ाई पर मौसम का असर पड़ता था, जैसे कि बारिश हो रही हो, या वाकई गर्मी हो या ठंड। हालांकि इस ऑनलाइन क्लास में बच्चे को अब अपने घर से ही पढ़ाई करनी पड़ रही है, जो कि बेहतरीन है।
  9. ऑनलाइन शिक्षा में बच्चे स्मार्टफोन कंप्यूटर के द्वारा पढ़ाई करते है, जिसकी तकनीकी जानकारी भी बच्चों को प्राप्त हो रही है, जो डिजिटल युग (Disital age) में बहुत अवश्यक है।

ऑनलाइन शिक्षा के नुकसान Disadvantage of online education 

यदि आपका बच्चा ऑनलाइन कक्षाओं में भाग ले रहा है, तो इसके कई नुकसान हैं जो आपके बच्चों पर बुरा प्रभाव डाल सकते हैं। नीचे आपको ऑनलाइन कक्षाएँ लेने के सभी नुकसानों के बारे में बताया गया है:- 

  1. लंबे समय तक घर पर रहने से बच्चों में स्कूल न जाने की आदत पड़ सकती है। जब स्कूल दोबारा खुले, तो बच्चे स्कूल जाने से डरें, जो कि आज के सभी ऑनलाइन छात्रों के लिए एक नुकसान है।
  2. आज के बच्चों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का सबसे महत्वपूर्ण नुकसान यह है, कि ऑनलाइन शिक्षा बच्चों के लिए स्कूल जैसा माहौल प्रदान नहीं करती हैं, जिसके परिणामस्वरूप वे बच्चों से मिलने वाले लाभों को प्राप्त करने में असमर्थ होते हैं, जैसे कि स्कूल का वातावरण और अपने साथियों के साथ बातचीत करने का अवसर उदाहरण के लिए, उनके साथ खेलने या उनसे मिलने में सक्षम न होने से बच्चों को नुकसान हो सकता उनमें कई नैतिक मूल्यों जैसे दया, सहयोग, एकता आदि का हास हो सकता है।
  3. यदि आप ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जहाँ नेटवर्क खराब है, तो आपके बच्चे को ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने में कठिनाई हो सकती है। इस मामले में, आपको सर्विस प्रोवाइडर (Service Provider) को बदलने या एक नया फोन खरीदने की आवश्यकता भी पड़ सकती है।
  4. आजकल बच्चे अपने स्मार्टफोन (Samartphon) या टैबलेट (Tablet) पर काम करने में काफी समय बिताते हैं, जिसका उनकी आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। अगर आपका बच्चा भी ऑनलाइन क्लास लेता है तो आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए।
  5. बच्चे ऑनलाइन क्लास मोबाइल तथा कंप्यूटर की सहायता से लेते है, जिसमें इंटरनेट कनेक्शन भी होता है। बच्चों का मन भी चंचल होता है, वे गूगल पर कई प्रकार की वस्तुएँ देखने लगते है, जिसमें अश्लील विडिओ, न्यूड फोटो तथा नाटक व फिल्मे है, जिससे बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगता और वह गन्दी प्रवृतियों की और जाने लगते है।
  6. इंटरनेट पर कई टिकटोक विडिओ (Tiktok Vedio) लड़कियों के विडिओ डेली अपलोड होते है। बच्चे उन्हें देखकर समय नष्ट करते है और खुद भी विडिओ बनाकर अपलोड करते है। इस तरह वे पढ़ाई से दूर होते जाते है।
  7. बहुत से पेरेंस अपनी लाइफ में बिजी (Busy) है, वो बच्चों की तरफ ध्यान नहीं दे पाते और बच्चे उसका गलत फायदा उठाते है। वे फेसबुक, व्हाट्सप्प आदि कई सोशल मीडिया प्लेटफार्म (Social Media Plateform) का यूज़ करके समय नष्ट करते है जबकि बहुत से बच्चे गेम खेलने के आदी हो जाते है।
  8. फ्री फायर (Free fire) पब्जी गेम (Pubg game) तो बच्चों के लिए घातक भी सिद्ध हो रहे है। कई बच्चे इससे बीमार तथा मानसिक संतुलन (Mental Disbalance) खोते जा रहे है, यह भी ऑनलाइन शिक्षा का दोष है। 

निष्कर्ष Conclusion

दोस्तों ऑनलाइन शिक्षा दूरस्थ तथा उच्च शिक्षा के लिए एक अच्छा विकल्प है किन्तु कोविड -19 (Covid-19) महामारी के समय में इसने शिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऑनलाइन शिक्षा की प्रिक्रिया बहुत सरल है

किन्तु इसके नुकसान और फायदे भी है, इसलिए बच्चों की ऑनलाइन शिक्षा पर उनके माता पिता का नियंत्रण (Control) बहुत जरूरी है तभी ऑनलाइन शिक्षण प्रभावी और लाभदायक सिद्ध हो सकता है।

दोस्तों आपने इस लेख में ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध (Essay on online education in hindi) पड़ा आशा करता हुँ आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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