शुक्र ग्रह का स्वामी कौन है Shukra Grah ka Svami kaun hai

शुक्र ग्रह का स्वामी कौन है

शुक्र ग्रह का स्वामी कौन है Shukra Grah ka Svami kaun hai 

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है, आज के हमारे इस लेख शुक्र ग्रह का स्वामी कौन है (Shukra Grah ka Svami kaun hai) में।

दोस्तों इस लेख के माध्यम से आज आप शुक्र ग्रह का स्वामी कौन है? के साथ ही शुक्र ग्रह क्या है? शुक्र ग्रह से होने वाले रोग, शुक्र ग्रह से बचने के उपाय

और शुक्र ग्रह से संबंधित मंत्र आदि के बारे में जानेंगे, तो आइए दोस्तों बढ़ते हैं, आज के इस लेख में और जानते हैं, शुक्र ग्रह का स्वामी कौन है:-

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शुक्र ग्रह क्या है what is shukra grah 

शुक्र ग्रह सौरमंडल का बुध के बाद सूर्य का सबसे पास वाला ग्रह है, जिसकी सूर्य से औसत दूरी लगभग 10 करोड 8200000 किलोमीटर होती है। शुक्र ग्रह आकार में पृथ्वी के लगभग समान ही है,

इसीलिए इसे पृथ्वी की जुड़वा बहन के नाम से जाना जाता है। शुक्र ग्रह पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO2) सबसे अधिक है, इसलिए यह सूर्य के प्रकाश को परावर्तित कर देता है और ज्यादा चमकदार दिखाई देता है।

शुक्र ग्रह को सौंदर्य का ग्रह तथा बौद्धिक और शारीरिक सुखों का देवता भी माना जाता है। इसकी मित्रता बुध ग्रह के साथ रहती है तथा शनि के साथ मिलकर यह बहुत अच्छा योग बनाता है।

वैसे तो शुक्र सौरमंडल के नौ ग्रहों में से एक महत्वपूर्ण ग्रह है, किंतु इसे शुक्राचार्य दैत्य गुरु का प्रतीक माना जाता है, जो ऊंट घोड़ा तथा मगरमच्छ पर सवार होते हुए दिखाई देते हैं, तथा अपने हाथों में दंड, माला,

कमल और धनुष बाण भी लिए हुए दिखाई देते हैं। शुक्र ग्रह का रंग पीला सफेद और गुलाबी होता है, जबकि उनकी धर्मपत्नी का नाम उर्जास्वती है।

ज्योतिष में शुक्र ग्रह को लाभदाता ग्रह माना जाता है, क्योंकि यह शारीरिक तथा भौतिक दोनों सुखों को प्रदान करता है, जिसका शुक्र मजबूत रहता है,

उसे शारीरिक और भौतिक दोनों सुखों की प्राप्ति होती है, किंतु जिसका शुक्र कमजोर होता है वह इन दोनों सुखों से वंचित रहता है। 

शुक्र ग्रह का स्वामी कौन है Shukra Grah ka Svami kaun hai 

शुक्र ग्रह सौरमंडल का सबसे चमकीला ग्रह है, जिसे दो राशियों वृषभ और तुला का स्वामी माना जाता है। जब किसी व्यक्ति का शुक्र कमजोर रहता है, तो उसे विभिन्न प्रकार के कष्टों का सामना करना पड़ता है।

उसे भौतिक और शारीरिक दोनों सुखों से वंचित रहना पड़ता है, ऐसी स्थिति में आप माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना कर सकते हैं।

माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से शुक्र ग्रह प्रसन्न होता है तथा आपको भौतिक तथा शारीरिक दोनों सुखों की प्राप्ति होती है।

शुक्र ग्रह से होने वाले रोग Diseases caused by Shukra Grah 

अगर व्यक्ति का शुक्र ग्रह कमजोर होने लगता है, तो उसे भौतिक सुखों की प्राप्ति तो कम होती है, इसके साथ ही शारीरिक स्वास्थ्य भी खराब होने लगता है।

अतः कहा जा सकता है, कि शुक्र ग्रह की कमजोरी के कारण मनुष्य भौतिक तथा शारीरिक दोनों सुखों से वंचित रह जाता है।

शुक्र ग्रह के कमजोर होने पर मनुष्य में अनेक रोग जैसे स्वप्नदोष बार बार होना, किसी व्यक्ति को शारीरिक कमजोरी का सामना करना पड़ता है,

इसके साथ ही वीर्य दोष, शुक्राणुओं में कमी आमतौर पर देखी जा सकती है। इसके अलावा मनुष्य शुगर जैसी समस्याओं से परेशान होने लगता है, उसे मूत्र रोग हो जाते हैं और कभी-कभी तो मनुष्य संतानों से भी वंचित रह जाता है। 

शुक्र ग्रह के उपाय  Shukra Grah Ke Upay 

शुक्र ग्रह के कमजोर होने के कारण विभिन्न प्रकार के भौतिक तथा शारीरिक हानिकारक प्रभाव देखने को मिलते हैं, इसीलिए शुक्र ग्रह के

उपाय जरूर आजमाने चाहिए, जिससे आपको भौतिक तथा शारीरिक सुखों की प्राप्ति हो सके यहाँ पर शुक्र ग्रह के कुछ उपाय बताए गए हैं:-

  1. व्यक्ति को सोमवार के दिन पूर्ण रूप से शुद्ध होकर ॐ शुं शुक्राय नम: या ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः मंत्र का जाप  5, 11, या 21 माला तथा हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम् सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम् मंत्र का जाप करना चाहिए।
  2. व्यक्ति को शुक्रवार का व्रत लगभग 21 या 31 बार रखना चाहिए, शरीर तथा मन मस्तिष्क को शुद्ध रखना चाहिए, असहाय और गरीब लोगों को सफेद वस्तुओं का दान करना चाहिए।
  3. शुक्रवार के दिन आप किसी कन्या को सफेद चंदन, सफेद वस्त्र, चांदी का सिक्का, दही आदि सभी प्रकार की सफेद वस्तुऐं आदि का दान कर सकते हैं, जो अधिक लाभकारी साबित होगा।
  4. अगर व्यक्ति का शुक्र कमजोर है, तो उसे अपने मन और तन को शुद्ध रखना चाहिए, सभी स्त्रियों का सम्मान करना चाहिए, गरीब असहाय लोगों को दान करना चाहिए, चीटियों को आटा की पंजीरी पक्षियों को दाना पानी डालना चाहिए।

शुक्र ग्रह के लिए दान Shukra Grah ke liye Daan 

शुक्र ग्रह को सौंदर्य और प्रेम का देवता माना जाता है, इसके साथ ही यह लाभ देने वाला भी देवता है। अगर किसी व्यक्ति को शारीरिक तथा भौतिक सुखों की प्राप्ति नहीं हो रही है, तो उसे समझ लेना चाहिए,

कि उसका शुक्र ग्रह कमजोर है। व्यक्ति को भौतिक तथा शारीरिक सुखों की प्राप्ति के लिए अपने शुक्र को मजबूत करना होगा इसके लिए दान देना एक अत्यंत लाभकारी उपाय होता है।

अतः शुक्र ग्रह को मजबूत बनाने के लिए प्रमुख रूप से सफेद वस्तुओं का दान करना चाहिए, अगर कुंवारी कन्या को सफेद वस्तुओं का दान करते हैं, तो शुक्र ग्रह मजबूत होने के आसार अधिक रहते हैं।

दान में आप सफेद वस्तुओं के अंतर्गत चांदी, चांदी का सिक्का सफेद बस्त्र, सफेद चंदन, सफेद घी के साथ ही सफेद व्यंजन बनाकर भी लोगों गरीबों को खिला सकते हैं, उन्हें दान दे सकते हैं। इन समस्त उपायों से शुक्र ग्रह के प्रबल होने के आसार अधिक बढ़ जाते हैं। 

शुक्र ग्रह का वैदिक मंत्र Shukra Grah Ka Vaidic Mantra 

शुक्र ग्रह का वैदिक मन्त्र शुक्र ग्रह के नकारात्मक प्रभाव को कम करता है। शुक्र ग्रह के वैदिक मंत्र का जाप शुक्रवार के दिन 5, 11 या फिर 21 माला करने से व्यक्ति को सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होने लगती है। उसका शुक्र ग्रह मजबूत हो जाता है। 

शुक्र का वैदिक मंत्र: Shukra Ka Vaidic Mantra 

ओम अन्नात्परिस्त्रुतो रसं ब्रह्मणा व्यपिबत्क्षत्रं पय: सोमं प्रजापति:। ऋतेन सत्यमिन्द्रियं विपान शुक्रमन्धस इन्द्रस्येन्द्रियमिदं पयो अमृतं मधु।।

दोस्तों आपने इस लेख में शुक्र ग्रह का स्वामी कौन है (Shukra Grah ka Svami kaun hai) पड़ा आशा करता हूँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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