12 वीं बायोलॉजी के बाद क्या करें What do after 12th Biology

12 वीं बायोलॉजी के बाद क्या करें What to do after 12th Biology

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है, आज के हमारे इस लेख 12वीं बायोलॉजी के बाद क्या करें (What to do after 12th Biology) में।

दोस्तों इस लेख के माध्यम से आप जानेंगे कि जो छात्र बारहवीं साइंस स्ट्रीम से पास कर चुके है, उन्हें अब क्या करना चाहिए। तो दोस्तों यहाँ पर हमने कुछ प्रमुख डिग्री और डिप्लोमा कोर्स उन छात्रों के लिए बताएँ है

जो यह सोचते है कि 12 के बाद क्या करें जीव विज्ञान से, तो आइये और जानते है कि 12 वीं बायोलॉजी के बाद क्या करना अच्छा रहेगा।

जीव विज्ञान किसे कहते है


12 वीं बायोलॉजी के बाद क्या करें


12 वीं बायोलॉजी के बाद क्या करें What to do after 12th Biology

बारहवीं बायोलॉजी से पास करने के बाद हमेशा छात्र - छात्राएँ कंफ्यूज हो जाते है कि अब उन्हें कोनसा कोर्स करना चाहिए ताकि उन्हें रोजगार प्राप्त हो सकें तो यहाँ पर बताया गया है कि बारहवीं बायोलॉजी करने के बाद क्या कैरियर ऑप्शन है।

एमबीबीएस (MBBS) 

एमबीबीएस का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी ( Bachelor of medicine and bachelor of surgery) होता है जो एक अंडर ग्रैजुएट मेडिकल कोर्स है।

एमबीबीएस टोटल 5 साल 6 माह का होता है, जिसमें 4 साल 6 माह का समय अध्ययन का तथा 1 वर्ष का समय इंटर्नशिप का होता है।

12वीं बायोलॉजी के छात्रों के लिए यह सबसे बेस्ट ऑप्शन होता है, कि वह एमबीबीएस करें। जो छात्र पढ़ाई में रुचि लेते हैं, पढ़ाई में अब्बल हैं तथा उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत है,

तो उन छात्रों को एमबीबीएस की तैयारी करनी चाहिए। एमबीबीएस करने के बाद छात्र डॉक्टर बन जाता है तथा अपने कैरियर को एक अच्छी दिशा दे पाता है।

एमबीबीएस कोर्स भारत देश के विभिन्न सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों और यूनिवर्सिटी के द्वारा करवाया जाता है, इसके लिए आपको पहले एंट्रेंस एग्जाम देना होता है जिसे नीट (NEET) के नाम से जाना जाता है

जो प्रमुख रूप से सीबीएसई (CBSE) के द्वारा कंडक्ट कराया जाता है। इस एंट्रेंस एग्जाम में जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान के साथ रसायन विज्ञान

से संबंधित 180 ऑब्जेक्टिव टाइप के प्रश्न पूछे जाते हैं, जो इस एग्जाम में अच्छे नंबर लाता है, उन्हें एमबीबीएस में प्रवेश मिल जाता है।

बीडीएस (BDS) 

इसका फुल फॉर्म बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (Bachelor of dental surgery) होता है, अर्थात इस में दांतो के विषय में गहराई से अध्ययन करना होता है और उसके बाद छात्र दांतो का डॉक्टर बन जाता है।

यह एक अंडरग्रैजुएट कोर्स है जो कोर्स 5 साल का होता है जिसमें 4 साल का अध्ययन का समय तथा 1 साल का अनिवार्य इंटर्नशिप होता है।

यह कोर्स भी विद्यार्थी कक्षा 12वीं साइंस स्ट्रीम से पास करने के बाद कर सकता है इसके लिए उसे बीडीएस एंट्रेंस एग्जाम को क्वालीफाई करना होता है, जो विभिन्न संस्थाओं जैसे कि एनईईटी, एआईपीएमटी आदि के द्वारा कंडक्ट कराया जाता है। 

बीएएमएस (BAMS) 

इसका फुल फॉर्म बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (Bachelor of Ayurvedic medicine and surgery) होता है, जो अंडर ग्रैजुएट 5 वर्ष 6 माह का प्रोग्राम है,

जिसमें 4 वर्ष 6 माह का अध्ययन तथा 1 वर्ष का इंटर्नशिप होता है। इस कोर्स के अंतर्गत प्रमुख रूप से प्राचीन आयुर्वेदिक चिकित्सा का अध्ययन करना होता है। इसके पश्चात आप एक डॉक्टर बन जाते हैं।

यह कोर्स एमबीबीएस से सरल और आसान होता है। इसके लिए आपको देश के विभिन्न संस्थानों जैसे Ayush Entrance Exam आदि द्वारा कंडक्ट

कराये जाने वाले एंट्रेंस एग्जाम को पास करना होता है, जबकि बिना एंट्रेंस एग्जाम पास किये किसी प्राइवेट कॉलेज से भी इसे आसानी से कर सकते हैं।

बीयूएमएस (BUMS) 

इसका फुल फॉर्म बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (Bachelor of Unani medicine and surgery) होता है, जो एक अंडरग्रैजुएट स्टडी प्रोग्राम होता है। यह कोर्स भी टोटल 5 साल 6 माह का होता है, जिसमें 4 साल 6 माह अध्ययन काल

तथा 1 साल इंटरनशिप होता है। इसे करने के पश्चात आप यूनानी चिकित्सा और सौर्गेसी क्षेत्र के चिकित्सक बन जाते हैं। इसमें प्रवेश लेने के लिए आपको नीट (NEET) परीक्षा को क्वालीफाई करना होता है। 

बीएचएमएस (BHMS)

इसका फुल फॉर्म बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी ( Bachelor of medicine Homeopathic and surgery) होता है, जो एक अंडर ग्रैजुएट प्रोग्राम कोर्स है जिसमें साढ़े 4 वर्ष तक अध्ययन का समय जबकि 1 वर्ष का इंटर्नशिप

का समय होता है। इसमें प्रवेश लेने के लिए छात्र को नीट (NEET) एंट्रेंस एग्जाम को पास करना होता है। इसे करने के पश्चात आफ होम्योपैथिक डॉक्टर बन जाते हैं, जिसकी माँग भारत सहित विदेशों में भी है। 

वेटरिनरी डॉक्टर Veterinary Doctor

अगर आप इंसानों के डॉक्टर नहीं बनना चाहते हैं, और आपको इंसानों का इलाज करने में डर लगता है, तो यह आपके लिए बहुत अच्छा ऑप्शन है, कि आप एक पशु चिकित्सक बन जाए।

पशु चिकित्सक को वेटरिनरी डॉक्टर के नाम से जाना जाता है जो 5 वर्ष का कोर्स होता है जिसमें प्रवेश लेने के लिए नीट (NEET) एंट्रेंस एग्जाम को

क्वालीफाई करना होता है। इस कोर्स में पशुओं से संबंधित अध्ययन उनके रोग का निदान आदि के बारे में अध्ययन करना होता है। इसके अन्य कोर्स भी होते है जो निम्न प्रकार है:-

  1. डिप्लोमा इन वेटरनरी फार्मेसी (2 वर्षीय डिप्लोमा)
  2. मास्टर ऑफ वेटरनरी साइंस (2 वर्षीय डिग्री)
  3. पीएचडी इन वेटरनरी साइंस ( 2 वर्षीय डिग्री)
  4. बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हस्बैंड्री (5 वर्षीय डिग्री)

बी फार्मा (B-Pharma) 

बी फार्मा भी एक मेडिकल लाइन का ही कोर्स है, जो बड़ा ही सुविधाजनक और आसान कोर्स होता है। बी फार्मा एक अंडरग्रैजुएट कोर्स होता है

जो 4 वर्ष का होता है। इसमें छात्रों को मेडिसिन के बारे में विस्तृत अध्ययन करना होता है। बी फार्मा करने के पश्चात छात्र विभिन्न प्रकार की फार्मास्यूटिकल कंपनियों में प्रोडक्शन केमिस्ट (Chemist) के तौर

पर कार्य कर सकता है, इसके साथ ही उसे क्वालिटी कंट्रोल डिपार्टमेंट में मौका मिलता है, जबकि मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (Medical Representative) का कार्य भी बी फार्मा क्वालिफाइड कैंडीडेट्स

आसानी से कर सकता है। इसके साथ ही बी फार्मा क्वालिफाइड कैंडिडेट खुद की मेडिकल भी खोल सकता है। बी फार्मा करने के लिए आप एंट्रेंस एग्जाम के जरिये या विभिन्न कॉलेजो में डायरेक्ट एडमिशन के जरिये प्रवेश लें सकते है। 

नर्सिंग (Nursing) 

अगर आप लंबे समय का मेडिकल कोर्स नहीं करना चाहते हैं तो आपके लिए नर्सिंग में कैरियर बनाना बहुत ही आसान और बेस्ट ऑप्शन हो सकता है।

नर्सिंग में कैरियर बनाने के लिए आप बीएससी नर्सिंग ( BSc nursing) कोर्स कर सकते हैं, जो 4 साल का होता है। यदि आप यह 4 साल का बीएससी नर्सिंग कोर्स भी नहीं कर सकते,

तो आप इनकी डिप्लोमा कोर्स भी कर सकते हैं, जिन्हें एएनएम और जीएनएम के नाम से जाना जाता है। इन्हें करने के बाद आप एक नर्स बन जाते हैं,

तथा कई हॉस्पिटल में आपके लिए कैरियर के अवसर खुल जाते हैं। बीएससी नर्सिंग में प्रवेश लेने के लिए आपको भारत देश के विभिन्न

शिक्षण संस्थानों द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा पास करना होता है, जबकि प्राइवेट कॉलेज में आप डायरेक्ट एडमिशन भी लें सकते है। 

फिजियोथैरेपी कोर्स Physiotherapy Course 

बारहवीं बायोलॉजी के बाद मेडिकल क्षेत्र में कई कैरियर ऑप्शन खुल जाते हैं। अगर आप इन सभी ऊपर बताए गए कोर्स से सहमत नहीं है तो आप फिजियोथैरेपी में भी कोर्स कर सकते हैं।

वर्तमान समय में फिजियोथैरेपिस्ट (Physiotherapist) की मांग दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। यह एक हड्डियों से सम्बंधित डॉक्टर होता है। फिजियोथैरेपी में

  1. फिजियोथेरेपी में स्नातक (बैचलर इन फिजियोथेरेपी)
  2. फिजियोथेरेपी में मास्टर (मास्टर इन फिजियोथेरेपी)
  3. फिजियोथेरेपी में डिप्लोमा (डिप्लोमा इन फिजियोथेरेपी)

कोर्स होते है। आपको इस कोर्स को करने के लिए मेडिकल संस्थाओं द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा तथा प्राइवेट कॉलेज में डायरेक्ट एड्मिसन लेना होता है। 

बीएससी बायोलॉजी BSc Biology 

बारहवीं साइंन्स स्ट्रीम के बाद बीएससी बायोलॉजी भी एक बेस्ट ऑप्शन होता है, जो 3 वर्ष का अंडर ग्रेजुएट कोर्स है। बीएससी बायोलॉजी के अंतर्गत आप किसी भी विशिष्ट विषय को लेकर बीएससी बायोलॉजी

कर सकते हैं, जैसे कि बीएससी माइक्रोबायोलॉजी, बीएससी बायोटेक्नोलॉजी, बीएससी इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री इत्यादि इसे करने के पश्चात आप विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार पाने के सुनिश्चित अवसर प्राप्त कर लेते हैं। 

मेडिकल लैब टेक्नीशियन Medical lab Technician 

अगर आप लैब टेक्नीशियन के रूप में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपके पास दो ऑप्शन सबसे बेस्ट है एक है डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्निशियन जो 2 वर्ष का होता है और दूसरा है

बीएससी इन मेडिकल लैब टेक्नीशियन जो 3 साल की होती है। देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के द्वारा लैब टेक्नीशियन कोर्स में प्रवेश के लिए एंट्रेंस एग्जाम कराये जाते है, जबकि प्राइवेट कॉलेज में डायरेक्ट जाकर आप

एडमिशन ले सकते हैं। इस कोर्स में आपको पैथोलॉजी जसे सम्बंधित विभिन्न प्रकार के चेकअप जैसे कि ब्लड चेकअप यूरिन चेकअप स्टूल चेकअप आदि के बारे में पढ़ना होता है और उनका टेस्ट करना होता है।

एक्स-रे टेक्नीशियन X-ray technician 

एक्स-रे टेक्नीशियन बारहवीं साइंस स्ट्रीम से पास करने वाले छात्रों के लिए बहुत अच्छा विकल्प है, यह विकल्प उन छात्रों के लिए बहुत ही अच्छा है,

जो छात्र आर्थिक स्थिति से जूझ रहे हैं तथा अधिक कोस्टली डिग्री और डिप्लोमा नहीं कर सकते हैं। उन छात्र-छात्राओं के लिए एक्स-रे टेक्नीशियन का कोर्स बहुत ही अच्छा रहता है,

जो 2 साल का डिप्लोमा कोर्स होता है। X -ray टेक्नीशियन का कोर्स कई गवर्नमेंट कॉलेजों में इंटरेस्ट एग्जाम के फलस्वरुप जबकि प्राइवेट कॉलेज में डायरेक्ट एडमिशन लेने के फलस्वरुप कर सकते हैं। 

ओटी टेक्नीशियन OT technician 

ओटी टेक्निशियन को ऑपरेशन थियेटर टेक्निशियन (Operation theatre technician) के नाम से जाना जाता है, जो डॉक्टर को ऑपरेशन के दौरान हेल्प करता है। यह भी 2 साल का डिप्लोमा कोर्स होता है,

तथा विभिन्न संस्थानों के द्वारा एंट्रेंस एग्जाम तथा कई प्राइवेट कॉलेजों के द्वारा डायरेक्ट एडमिशन के द्वारा करवाया जाता है। 12वीं के बाद इसे करने से ही आपके कैरियर को एक नई दिशा मिल सकती है।

योगा कोर्स Yoga Course 

बारहवीं साइंस स्ट्रीम के बाद योगा कोर्स भी आसानी से किया जाने वाला कोर्स है, जिसमें आप योगा में डिग्री डिप्लोमा कोर्स या सर्टिफिकेट कोर्स भी कर सकते हैं

और एक योगा टीचर योगा इंस्ट्रक्टर के तौर पर विभिन्न संस्थानों में जैसे कि हॉस्पिटल विभिन्न एनजीओ में जॉब कर सकते हैं, जबकि स्वयं की योगा प्रशिक्षण कोचिंग भी ओपन कर सकते है। 

दोस्तों यहाँ पर आपने 12 के बाद क्या करें जीव विज्ञान से, 12 वीं बायोलॉजी के बाद क्या करें (What to do after 12th Biology) पड़ा। आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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  1. बीएससी बायोलॉजी क्या है इसे कैसे करने बीएससी बायोलॉजी के बाद स्कोप फायदे



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