विटामिन क्या है विटामिन के प्रकार और कार्य what is vitamin type function

विटामिन क्या है विटामिन के प्रकार और कार्य what is vitamin type function 

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है, आजके हमारे एक लेख विटामिन क्या हैं, विटामिन के प्रकार और कार्य (what is vitamin type function) में। 

दोस्तों इस लेख के माध्यम से आज आप विटामिंस के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर पाएंगे, कि विटामिन क्या होते हैं? उनके रासायनिक नाम क्या है? रासायनिक फार्मूला के साथ उनके कार्य क्या है? तो आइए दोस्तों करते हैं शुरू यह लेख विटामिन किसे कहते हैं विटामिन के प्रकार और कार्य:-

विटामिन क्या है विटामिन के प्रकार और कार्य

विटामिन किसे कहते हैं what is vitamin 

विटामिन एक प्रकार से कार्बनिक पदार्थ (Organic Compound) होते हैं, अर्थात कहा जा सकता है, कि विटामिन कार्बोहाइड्रेट वसा और प्रोटीन की तरह ही कार्बनिक पदार्थ और पोषक तत्वों में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। परंतु यह भोजन में बहुत ही कम मात्रा में होते हैं, किंतु इतनी ही मात्रा में यह शरीर में होने वाले विभिन्न प्रकार की क्रियाओं में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

पौधों के द्वारा विटामिंस का शरीर में ही संश्लेषण हो जाता है, किंतु जो जंतु होते हैं, वह भोज्य पदार्थों से ही विटामिन प्राप्त करते हैं। विटामिन हारमोंस की तरह ही जीव जंतुओं के शरीर में विभिन्न प्रकार की फिजियोलॉजिकल क्रियाओं (Physiological functions) का नियमन और नियंत्रण करते हैं।

विटामिन की खोज 18 वी शताब्दी के मध्य में लिंड नामक वैज्ञानिक ने 1753 ईस्वी में की थी, उन्होंने प्राकृतिक भोजन के रूप में रासायनिक पदार्थों के जरिए यह पता लगाया था, इसके लगभग एक सदी के बाद फंक नामक वैज्ञानिक ने 1912 में विटामिन शब्द का सबसे पहले प्रयोग किया और चावल की भूसी से विटामिन को प्राप्त भी किया

और यह बताया कि यह विटामिन बहुत ही घातक बीमारी बेरीबेरी को रोकने में सक्षम होता है। उसके बाद विभिन्न वैज्ञानिकों ने इस विचारधारा का समर्थन भी किया और इसके पश्चात विटामिंस के टॉपिक पर विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिकों ने खोज की और अनुसंधान कार्य किए और विभिन्न प्रकार के विटामिंस निकल कर हमारे सामने आ गए।


विटामिन किसे कहते हैं विटामिन के प्रकार और कार्य


विटामिंस का वर्गीकरण Classification of Vitamins

विटामिन की खोज होने के बाद पता चला कि विटामिंस अनेक प्रकार के उपलब्ध हो गए, जो विभिन्न प्रकार की शारीरिक क्रियाओं में भाग लेते हैं उनका नियंत्रण और नियमन करते हैं विभिन्न प्रकार के रोगों में भी उत्तरदाई भूमिका निभाते हैं, इसीलिए विटामिंस का वर्गीकरण आवश्यक हो गया है, और घुलनशीलता के आधार पर विटामिन को दो भागों में वर्गीकृत किया गया है:-


वसा में घुलनशील विटामिन Fat soluble vitamins

वसा में घुलनशील विटामिन वे विटामिन होते है, जो वसा में आसानी से घुल जाते हैं, इसलिए वसा में घुलनशील विटामिन वसा में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। वसा में घुलनशील विटामिन के अंतर्गत विटामिन ए डी ई और के (A.D.E.K) को रखा गया है, जिनके बारे में हम निम्न प्रकार से समझते हैं:-


विटामिन ए Vitamin-A 

विटामिन ए का रासायनिक नाम रेटिनोल (Retinol) होता है, जबकि इसे एंटीजिरोफथैल्मिक विटामिन के नाम से भी जाना जाता है। विटामिन ए की खोज 1973 में मैककॉलम नामक वैज्ञानिक ने की थी, जिसका रासायनिक सूत्र C20H30O होता है।

कई रिसर्च के द्वारा पता चला कि यह विटामिन केरोटीन का डेरिवेटिव है। अर्थात विटामिन ए रेटिनोल के रूप में पशु भोज्य पदार्थों से, और कैरोटीन के रूप में वनस्पति भोज्य पदार्थों से प्राप्त होता है।

विटामिन मछली यकृत तेल पुदीना गाजर पालक लहसुन रतालू मीठा नीम पपीता कद्दू आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। विटामिन ए शरीर की दृष्टि के लिए बहुत ही आवश्यक होता है, इसीलिए इसकी कमी से रतोंधी नामक रोग हो जाता है,

जबकि यह प्रोटीन संश्लेषण फर्टिलिटी विकास के लिए भी आवश्यक विटामिन होता है। वयस्कों को विटामिन ए प्रतिदिन 5000IU जबकि माताओं को 6000 से 8000IU की आवश्यकता होती है।


विटामिन डी Vitamin-D

विटामिन डी का रासायनिक नाम कैल्सीफेरोल (Calciferol)  होता है, जबकि इसको एंटी रिकेटिक विटामिन के नाम से भी जाना जाता है। विटामिन डी की खोज मेककॉलम नामक वैज्ञानिक ने 1992 में की थी, जिसका रासायनिक सूत्र C28 H44 O होता है।

इस विटामिन की कमी से शरीर की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं अर्थात सूखा नामक रोग हो जाता है। इसीलिए सूखा नामक रोग से बचने के लिए सुबह सुबह हल्की धूप में टहलना चाहिए

क्योंकि धूप से विटामिन डी ही प्राप्त होता है। मछली के यकृत का तेल मक्खन अंडे का पीला भाग दूध आदि में प्रचुर मात्रा में होता है। बच्चों को प्रतिदिन 400-800IU कथा व्यास को को 400IU विटामिन डी की आवश्यकता होती है।


विटामिन ई Vitamin-E

विटामिन ई का रासायनिक नाम टोकॉफरोल (Tocopherol) होता है इसकी खोज माटिल और कॉनक्लिन नामक वैज्ञानिक ने 1920 में की थी। विटामिन ई का रासायनिक फार्मूला C29H50O2 होता है, इस विटामिन को फर्टिलिटी विटामिन के नाम से जाना जाता है, इसकी कमी से नपुंसकता तथा अनुवांशिक रोग हो जाते हैं

अर्थात जनन क्षमता में कमी विटामिन ई की कमी से आती है। विटामिन  ई अनाजों के तेल सोयाबीन तेल हरी पत्ती वाली सब्जियों और फलों वाली सब्जियों में प्रचुर मात्रा में मिल जाता है। विटामिन ई की प्रतिदिन मात्रा 15 से 20 मिलीग्राम जबकि गर्भवती स्त्रियों में 30 मिलीग्राम तक होती है।


विटामिन के Vitamin-K

विटामिन के का रासायनिक नाम नेफ्थोकिवनोन (Naphthokivanone) होता है। इसकी खोज डैम नामक वैज्ञानिक ने 1935 में कितनी थी, जिसका रासायनिक फार्मूला C13H46O2 होता है। 

विटामिन के एक महत्वपूर्ण विटामिन होता है, क्योंकि यह प्रोथ्रोमबिन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और रक्त का थक्का जमाने में मदद करता है। विटामिन के हरी पट्टी वाली सब्जियों पालक पत्ता गोभी मूंग उड़द की दाल आलू

फूलगोभी मक्खन दूध गेहूँ आदि में प्रचुर मात्रा में मिल जाता है। शरीर में विटामिन के की कमी होने पर 5 मिलीग्राम विटामिन के मुख या इंजेक्शन के द्वारा दिया जाना आवश्यक होता है।


जल में घुलनशील विटामिन Water soluble vitamins

वे विटामिन जो जल में आसानी से घुल जाते हैं, उन्हें जल में घुलनशील विटामिन के नाम से जाना जाता है, जिसके अंतर्गत दो विटामिन विटामिन बी और विटामिन सी आते हैं। इनको हम निम्न प्रकार से समझते हैं:-


विटामिन सी Vitamin-C 

विटामिन सी का रासायनिक नाम एस्कोरबिक एसिड (Ascorbic acid) होता है, जिसका सबसे पहले प्रथक्करण 1928 में गायोर्जी नामक वैज्ञानिक ने और संश्लेषण 1933 में रीचस्टीन नामक वैज्ञानिक ने किया था, जिसका रासायनिक सूत्र C6H8O6 होता है।

विटामिन सी सभी प्रकार के खट्टे फलों में प्रचुर मात्रा में देखने को मिल जाता है, जबकि विटामिन सी शरीर में विभिन्न प्रकार की क्रियाओं का नियमन करता है, इसकी कमी से स्कर्वी नामक रोग हो जाता है।


विटामिन बी Vitamin-B

विटामिन बी एक प्रकार से विभिन्न प्रकार के विटामिनों का समूह होता है जिन्हें विटामिन बी कॉन्प्लेक्स के नाम से जाना जाता है इन्हें एक-एक करके हम निम्न प्रकार से समझते हैं:-

  • विटामिन B1 

विटामिन B1 का रासायनिक नाम थायमीन (Thiamine) होता है, जिसका सबसे पहले संश्लेषण विलियम्स ने 1936 में किया था। विटामिन B1 का रासायनिक फार्मूला C12H17ON4S होता है। यह विटामिन गेहूँ का आटा, हरी सब्जियाँ, फलियाँ, चावल की भूसी आदि में पाया जाता है, जिसकी कमी से बेरीबेरी नामक रोग हो जाता है।

  • विटामिन B2

विटामिन B2 का रासायनिक नाम राइबोफ्लेविन (Riboflavin) होता है, जिसका सबसे पहले पृथक्करण वारवर्ग तथा किसियन नामक वैज्ञानिक ने 1932 में किया था। विटामिन B2 को विटामिन सी और विटामिन जी के नाम से भी जाना जाता है,

जिसका रासायनिक फार्मूला C17H20O6N4 होता है। यह विटामिन ईस्ट पनीर अंडा हरी सब्जियां दूध जिगर आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जबकि इसकी कमी से त्वचा की बीमारियाँ, आँखों की बीमारियाँ होने लगती है।

  • विटामिन B3

विटामिन B3 का रासायनिक नाम नियासीन (Niacin) होता है, जिसकी खोज बिल्डायर्स ने 1901 में और पृथक्करण स्टीलर नामक वैज्ञानिक ने 1960 में किया था। विटामिन B3 का रासायनिक फार्मूला CaH17O5N होता है, जबकि यह ईस्ट, यकृत, मटर, अंडा, चावल की भूसी आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है इसकी कमी से त्वचा सम्बंधित बीमारियाँ, दाद कीलोसिस आदि होती है।

  • विटामिन B5

विटामिन B5 का रासायनिक नाम पैंटोथैनिक अम्ल (Pantothenic acid) होता है, जिसको पीटी विटामिन या निकोटीनिक अम्ल के नाम से भी जाना जाता है। इस विटामिन की खोज सबसे पहले हबर नामक वैज्ञानिक ने 1807 में की थी,

जबकि इसको ईस्ट से प्रथक वाईसराय नामक वैज्ञानिक ने 1926 में किया था। विटामिन B5 का रासायनिक फार्मूला C8H12O3N होता है, जबकि यह मछली जिगर ताजा मांश दूध ईस्ट अनाज हरी सब्जियां आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। विटामिन B5 की कमी से बाल सफेद होना मद्बुद्धि जैसी बीमारियाँ होती है।

  • विटामिन बी 6

विटामिन बी 6 का रासायनिक नाम पायरीडॉक्सिन (Pyridoxine) होता है, जबकि सबसे पहले इसकी खोज गियार्जी नामक वैज्ञानिक ने 1934 में की थी। विटामिन बी6 का रासायनिक फार्मूला C8H12O3N होता है, जो सबसे अधिक दूध, हरी सब्जी, अनाज, ईस्ट, मास, जिगर मछली आदि में पाया जाता है। विटामिन बी6 की कमी से एनीमिया त्वचा के रोग आदि बीमारियाँ होती है।

  • विटामिन बी 7

विटामिन बी 7 का रासायनिक नाम बायोटिन (Biotin) होता है, जिसकी सबसे पहले खोज बेटमेन ने 1916 में की थी। इसका रासायनिक फार्मूला C10H16N2O3Sहोता है।

यह विटामिन हरी सब्जियाँ, फल अंडे चॉकलेट मूंगफली बैक्टीरिया आदि के द्वारा संश्लेषण किया जाता है। विटामिन बी 7 की कमी से लकवा बालों की बीमारियाँ आदि कई रोग होते है। 

  • विटामिन B9

विटामिन B9 का रासायनिक नाम फॉलिक एसिड (Folic acid) होता है, जिसकी खोज डे नामक वैज्ञानिक ने की थी। इस विटामिन को पीजीए विटामिन तथा टेरोग्लूटॉगमिक नाम से भी जाना जाता है,

जबकि इसका रासायनिक सूत्र C19H19N7O6 होता है। यह विटामिन हरी पत्ते वाली सब्जियाँ, ईस्ट, सोयाबीन, जिगर, मांस आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है तथा इसकी कमी से बालों की बीमारियाँ हो जाती है।

  • विटामिन B12

विटामिन B12 का रासायनिक नाम साइनोकोबालामिन (Cyanocobalamin) होता है, जिसका सबसे पहले पृथक्करण स्मिथ तथा पार्कर नामक वैज्ञानिक ने लिमर से 1948 में किया था।

विटामिन B12 का रासायनिक फार्मूला C63H90O14N14 होता है, जो दूध मछली जिगर अंडा आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जबकि इसकी कमी से एनीमिया त्वचा रोग, पेचिस रोग हो जाते है।


विटामिन के कार्य Functions of vitamins

विटामिन एक प्रकार से कार्बनिक योगिक होते हैं, जो कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन तथा वसा के समान कार्बन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के मिलने के सहयोग से बने होते हैं, जिनकी शरीर में बहुत कम आवश्यकता होने पर भी यह शरीर में विभिन्न प्रकार की जैवबायोलॉजिकल क्रियाओं के नियमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, तथा शरीर को विभिन्न प्रकार के रोगों से बचाने का कार्य भी करते हैं।

विटामिन एक तरफ तो हमारे शरीर को विभिन्न प्रकार के रोगों जैसे कि एनीमिया, जनन क्षमता में कमी, स्कर्वी सूखा रोग, रक्त का थक्का ना जमना, पेलाग्रा, आदि से हमारे शरीर की रक्षा करते हैं, वही शरीर में होने वाली विभिन्न बायोलॉजिकल की क्रियाओं का नियंत्रण भी करते हैं।

विटामिन हमारे शरीर की त्वचा को नम तथा रोगमुक्त बनाए रखने का कार्य करते हैं, विटामिन ही हमारी आंखों की रोशनी के लिए, अच्छी दृष्टि के लिए आवश्यक होते हैं।

विटामिन हमारे शरीर की वृद्धि तथा विकास के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जबकि शरीर में विभिन्न प्रकार की बायोलॉजिकल कियाओं का भी नियंत्रण करने का कार्य करते हैं।

कई विटामिंस ऐसे होते हैं, जो बाहरी संक्रमण से हमारे शरीर की रक्षा करते हैं और विभिन्न प्रकार के शारीरिक तंत्रों पर भी नियंत्रण करने का कार्य करते हैं।

दोस्तों इस लेख में आपने विटामिन किसे कहते हैं विटामिन के प्रकार और कार्य (what is vitamin type function) पढ़े। आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

  • FAQ for Vitamins

Q.1- कुल कितने विटामिन होते हैं?

Ans- प्रमुख रूप से विटामिन दो प्रकार के होते हैं, वसा में घुलनशील विटामिन जिसके अंतर्गत चार विटामिन विटामिन A, विटामिन D विटामिन E और विटामिन K आते है, जबकि जल में घुलनशील विटामिन के अंतर्गत दो विटामिन विटामिन B और विटामिन C होते है।


Q.2- शरीर में विटामिन कहाँ जमा होते हैं?

Ans- विटामिन शरीर में भोज्य पदार्थों के द्वारा पहुंचते हैं और यह यकृत मांशपेशीयों और वसीय ऊतक में एकत्रित हो जाते हैं।


Q.3- विटामिन के जनक कौन है?

Ans- विटामिन के जनक कासिमीर फंक थे किन्तु 17 वीं सदी में विटामिन के बारे में सबसे पहले अनुसन्धान लिंड नामक व्यक्ति ने किया था।


Q.4- सुंदरता के लिए कौन सा विटामिन होता है?

Ans- विटामिन ई को सुंदरता का विटामिन अर्थात ब्यूटी विटामिन के नाम से जाना जाता है।

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