आधार कार्ड पर निबंध Essay on aadhar card

आधार कार्ड पर निबंध Essay on aadhar card

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख आधार कार्ड पर निबंध (Essay on aadhar card) में।

दोस्तों यहाँ आप आधार कार्ड पर निबंध प्रमुख हैडिंग्स के साथ पड़ेंगे। यहाँ से आप आधार कार्ड पर निबंध लिखने का आईडिया भी लें सकते है। तो आइये शुरू करते है, यह लेख आधार कार्ड पर निबंध:-

आधार कार्ड पर निबंध

आधार कार्ड क्या है What is aadhar card 

वर्तमान में भारत में लगभग 130 करोड़ से अधिक जनसंख्या है और यह जनसंख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है, इसीलिए सभी लोगों को विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए किसी विशिष्ट

पहचान की आवश्यकता होती है, जिसके माध्यम से उसके कई कार्य संपादित होते हैं और यही पहचान उपलब्ध कराता है "आधार कार्ड" 

आधार कार्ड एक ऐसा दस्तावेज होता है, जिसमें 12 अंकों की पहचान संख्या की पुष्टि की जाती है और यह पहचान संख्या भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ( यूआईडीएआई) द्वारा प्रदान किया जाता है

और यह भारत के विभिन्न भागों में लोगों के पत्ते और पहचान के प्रमाण के रूप में कार्य करता है। साधारण शब्दों में कह सकते हैं, कि आधार कार्ड एक ऐसा पहचान दस्तावेज होता है,

जो भारत सरकार के यूआईडीएआई के द्वारा प्रदान किया जाता है और जिसका मुख्य कार्य लोगों को पता और पहचान के रूप में प्रमाणित करता है।


आधार कार्ड का इतिहास History of aadhar card 

आधार कार्ड का इतिहास लगभग 9 साल पहले शुरू हुआ था उस समय देश में कांग्रेस की सरकार थी, किंतु इस पर कानून भाजपा सरकार ने बनाया।

कांग्रेस सरकार द्वारा सन 2009 में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण का गठन किया गया और इसका चेयरमैन नंदन नीलेकणी को बनाया गया, किंतु यह गठन से ही विवादों में घिरा रहा।

भारत सरकार द्वारा सितंबर माह 2010 में महाराष्ट्र में आधार कार्ड योजना को लागू किया गया जब दिसंबर में सरकार द्वारा नेशनल आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया बिल संसद में पेश किया गया इस विधेयक पर कई विचार विमर्श हुए और इसको वित्तीय मामलों की स्टैंडिंग कमेटी के पास भेज दिया गया,

जिसकी रिपोर्ट दिसंबर 2011 में आयी जब तक भारत में 10 करोड़ लोगों का आधार बन चुका था। इस रिपोर्ट पर कई सवाल उठाए गए इसके बाद 7 फरवरी 2012 को यूआईडीएआई ने आधार का ऑनलाइन वेरिफिकेशन शुरू किया।

इसके बाद 26 नवम्बर को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आधार से लिंक खातों के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम की शुरूआत की। 1 जनवरी 2013 को आधार प्रोजेक्ट देश के 51 जिलों में लागू कर दिया गया। 9 अक्टूबर को नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने आधार

बेस्ड पेमेंट सिस्टम की शुरुआत की। मार्च 2015 में सरकार ने आधार से लिंक्ड डिजीलॉकर सर्विस शुरू की 11 अगस्त, 2015 को सुप्रीम कोर्ट ने आधार की अनिवार्यता को सिर्फ एलपीजी और राशन की सब्सिडी तक सीमित कर दिया।

मार्च 2017 में सरकार ने आयकर अधिनियम में एक नया सेक्शन 139-AA शामिल किया और पैन कार्ड के साथ-साथ आयकर रिटर्न फाइल करने के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया।


आधार कार्ड का उपयोग और लाभ Benefite and uses of aadhar card 

आधार कार्ड एक विभिन्न उद्देश्ययुक्त पहचान पत्र है जिसकी मदद से विभिन्न प्रकार के कार्य संपादित होते हैं चाहे आप मोबाइल कनेक्शन ले रहे हो या फिर किसी प्रकार का फोन कनेक्शन या गैस कनेक्शन ले रहे हो

तो आपको पहचान और पते के रूप में अपना आधार कार्ड प्रस्तुत करना होता है। बैंकिंग जैसे विभिन्न प्रकार की सेवाओं में आप आधार कार्ड के द्वारा लाभ उठा सकते हैं। प्रारंभ में आधार कार्ड केवल सरकारी सेवाओं तक संचालित और सीमित था,

किंतु आधार कार्ड की आवश्यकता और उपयोगिता को ध्यान में रखकर आज ऐसा प्रतीत होता है, कि आधार कार्ड सभी प्रकार की गैर सरकारी संस्थाओं में भी उपयोग में लाया जाने वाला सबसे लोकप्रिय पहचान पत्र बन गया है। आधार कार्ड का उद्देश्य झूठे

और नकली पहचान वाले लोगों से भारत देश को मुक्त करना भी है, क्योंकि भारत में इस समस्या का सबसे बड़ा कारण यह होता है, कि अधिक से अधिक नकली पहचान वाले प्रमाण पत्र किसी न किसी सरकारी या गैर सरकारी संस्था द्वारा जारी किए जाते हैं,

ऐसी ही कई समस्याएँ भारत में देखने को मिलती हैं, इसीलिए आधार कार्ड संख्या सभी लोगों की भिन्न होती है, जो जाति धर्म पंथ और भौगोलिक सामाजिक विविध कार्यक्रमों से मुक्त रहता है और देश के धर्मनिरपेक्ष लक्ष्य को पूरा करने में सहायता प्रदान करता है।


आधार कार्ड अन्य पहचान पत्रों से भिन्न Aadhar card different from other identity cards

आधार कार्ड से पहले कई प्रकार के पहचान पत्र विभिन्न सरकारी और प्राइवेट संस्थाओं के द्वारा जारी किए जाते थे, जिनमें से वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस का प्रमुख रूप से स्थान होता था,

किंतु आधार कार्ड 12 अंकों वाला अन्य सभी प्रमाण पत्रों और पहचान पत्रों से बिल्कुल भिन्न होता है, क्योंकि कोई भी भारतीय नागरिक शिशु से वृद्ध इस अद्वितीय कार्ड को एक बार प्राप्त कर सकता है और हमेशा के लिए उसे बनाए रख सकता है।

सभी भारतीयों को एक दूसरे से भिन्न-भिन्न पहचान पत्र अर्थात आधार कार्ड जारी किए जाते हैं। आधार कार्ड बनवाने में बायोमेट्रिक जनसंख्या के डेटा का प्रयोग होने से हर भारतीय की एक अनूठी पहचान होती है,

क्योंकि कोई भी दस्तावेज ना होने पर यह प्रमाण पत्र प्राप्त हो जाता है, किंतु एक व्यक्ति के पास केवल एक ही आधार संख्या का आधार कार्ड होता है, जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के प्रशासनिक सेवाओं के साथ ही कई प्राइवेट सेवाओं में किया जा सकता है।


डेटाबेस तक आसानी से पहुंच Easy access to the database

आधार कार्ड के डेटाबेस तक पहुंच आसान रहती है, क्योंकि समय-समय पर डेटा की सुरक्षा को लेकर उठने वाले सवालों से पीछे केवल यह समस्या होती है, कि आधार कार्ड के बनाए जाने से लेकर उसके वितरण में बड़े पैमाने पर निजी एजेंसियों के साथ हैं कई अधिकृत और अनधिकृत एजेंसियां भाग लेती है,

किसी व्यक्ति को आधार कार्ड में किसी भी प्रकार का परिवर्तन कराना हो तो आप अपने गली मोहल्ले दुकानों में अधिकृत अनाधिकृत दुकानों पर जाकर यह परिवर्तन आसानी से करा सकते हैं। आधार कार्ड में निजता के अधिकार का भी सवाल उठता है

और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस मुद्दे पर निजता के अधिकार के पक्ष में फैसला आ भी चुका है। वर्तमान में व्यवहारिक स्थिति यह देखने को मिल रही है, कि सभी प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं में और सभी प्रकार की सुविधाओं में आधार अनिवार्य होता जा रहा है,

क्योंकि आधार के बिना आज कोई भी काम संभव नहीं हो पाता है। आधार कार्ड की गोपनीयता भंग होने पर निजी जानकारी गलत हाथों में जाने की आशंका इस परियोजना की शुरुआत से ही जताई जाती हैं,

इसीलिए भारत सरकार आधार की सुरक्षा का आश्वासन बराबर देती रहती है और इसकी सुरक्षा का दायरा भी बढ़ाती जा रही है, इसलिए आज के समय शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य कारोबार हर जगह आधार कार्ड को जरूरी बना दिया है।


यूआईडीएआई का पक्ष UIDAI side for aadhar 

यूआईडीएआई कहता है, कि आधार डाटा पूरी तरह से सुरक्षित डाटा है और उसकी तरफ से कोई भी डेटा आधुनिक रूप से कहीं पर भी प्रकट नहीं किया गया है और ना ही किसी भी प्रकार के नियमों का उल्लंघन भी होगा है।

सरकारी और संस्थागत वेबसाइट पर जिस प्रकार आधार के डाटा मिलने की बार-बार बातें आती हैं वह आरटीआई अधिनियम के अंतर्गत दी गई जानकारी के रूप में दिया गया होता है. इसमें लाभार्थी का नाम पता बैंक खाता और आधार नंबर सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए डेटा प्राप्त होते हैं।

एकत्रित जानकारी आरटीआई अधिनियम के अंतर्गत सार्वजनिक रूप से प्रकट होती है, और यूआईडीएआई के डेटाबेस पर या सर्वर में किसी प्रकार का डाटा लीक हो ही नहीं सकता जब यूआईडीएआई ने इस पर रोक लगा दी है, तब भविष्य में ऐसा नहीं करने का निर्देश दिया है।यूआईडीएआई के अनुसार आधार सुरक्षा प्रणाली श्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है और आधार डाटा पूरी तरह से सुरक्षित डेटा है।

यूआईडीएआई की ओर से आधार डाटा का उल्लंघन और कभी भी उसका लिस्ट डाटा लीक नहीं हुआ है। इन वेबसाइटों पर सार्वजनिक किए गए आधार नंबरों से लोगों को किसी तरह का खतरा भी नहीं है,

किसी की बायोमेट्रिक सूचना कभी भी साझा नहीं की जा सकती और यह यूआईडीएआई में सर्वोच्च इनस्क्रिप्शन के साथ सुरक्षित रहती है। बायोमेट्रिक के बिना किसी भी प्रकार की सूचना का उपयोग नहीं हो सकता यूआईडीएआई कहता है,

कि आधार संख्या एक गोपनीय नंबर होता है, यदि कोई आधार धारक सरकारी कल्याण योजनाओं या अन्य सेवाओं का लाभ लेना चाहता है, तो उसे प्राधिकृत एजेंसियों के साथ आधार नंबर साझा करना होता है, लेकिन इसका अर्थ यह कदापि नहीं हो सकता,

कि आधार नंबर के इस्तेमाल से सुरक्षित या वित्तीय सुरक्षा को खतरा हो इसमें धोखाधड़ी नहीं हो सकती, क्योंकि सफल प्रमाणीकरण के लिए व्यक्ति की उंगलियों के निशान और आंख की पुतली की आवश्यकता होती है।


बायोमैट्रिक लॉक की सुविधा Biometric lock facility

यूआईडीएआई लोक भागीदारी वाली एक सुरक्षा प्रणाली है और इसी के तहत यूआईडीएआई पोर्टल पर बायोमेट्रिक लॉक सुविधा भी उपलब्ध होती है। आधार कार्ड धारक यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने बायोमैट्रिक डाटा पर लॉक सुविधा का भी उपयोग कर सकता है.

इसके तहत आधार की जानकारी लीक होने या किसी अन्य व्यक्ति को आप की आधार संख्या की जानकारी का गलत फायदा उठाने से रोकने की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था के माध्यम से जब चाहे आधार जानकारी को लॉक और अनलॉक किया जा सकता है.

एक बार बायोमैट्रिक डाटा लॉक करने के बाद कोई भी इसका इस्तेमाल तब तक नहीं कर सकता जब तक उसे अनलॉक ना किया जाए। यह सुविधा केवल ऑनलाइन ही उपलब्ध होती है, इसके लिए आधार के साथ रजिस्टर मोबाइल नंबर की भी आवश्यकता होती है।


उपसंहार Conclusion

आधार कार्ड की गोपनीयता के कारण आज आधार कार्ड सभी पहचान पत्रों में सबसे आधिक उपयोग में लाया जाता है, कियोकि यह पहचान और पते का सबसे महत्वपूर्ण सोर्स है। आधार कार्ड एक छोटे बच्चें से लेकर बृद्ध व्यक्ति सभी का अलग -अलग होता है, इसलिए इसका उपयोग पहचान और पते के रूप में कई सरकारी सेवाओं सहित विभिन्न प्राइवेट सेवाओं में हो रहा है।

दोस्तों यहाँ से आपने आधार कार्ड पर निबंध (Essay on Aadhar Card) पढ़ा, आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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