ई- कॉमर्स बिजनेस इन इंडिया E-commerce business in india

ई- कॉमर्स बिजनेस इन इंडिया E-commerce business in india

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख ई- कॉमर्स बिजनेस इन इंडिया (E-commerce business in india) में।

दोस्तों इस लेख के माध्यम से आज आप जानेंगे की भारत में ई- कॉमर्स बिजनेस कैसे करें और उसके क्या लाभ हो सकते है। तो आइये शुरू करते है, यह लेख ई- कॉमर्स बिजनेस इन इंडिया:-

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ई- कॉमर्स बिजनेस इन इंडिया

ई- कॉमर्स बिजनेस क्या है What is E-commerce business

बढ़ते समय के साथ हमारे बिजनेस करने के ढंग में भी बहुत ज्यादा परिवर्तन आ चुका है। आजकल व्यापार को भी इंटरनेट के माध्यम से किया जाता है।

यानी कि e commerce business, आजकल ग्राहकों को कोई भी सामान लेना होता है, तो उन्हें ऑफलाइन झंझट का सामना नहीं करना पड़ता। वह सिर्फ इंटरनेट के माध्यम से घर बैठे ही अपना मनपसंद सामान अपने घर मंगवा सकते हैं, और यह सारा काम e commerce company यानी की e commerce business करनेवाले ही करते हैं।

तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको e commerce बिजनेस के बारे में जानकारी देने वाले हैं। खासकर अगर आप भारत में e commerce बिजनेस करने के बारे में सोच रहे हैं, तो यह आर्टिकल सिर्फ आपके लिए ही है। आपको इसमें e commerce बिज़नेस से जुड़ी सारी जानकारियां मिल जाएगी। तो चलिए आज का आर्टिकल शुरू करते है।

E-commerce बिज़नेस के प्रकार

अगर आप भी भारत में कोई e commerce बिजनेस करने के बारे में सोच रहे हैं। तो सबसे पहले आपको e commerce बिजनेस के प्रकारों के बारे में जान लेना चाहिए। ताकि आपको अपना आगे बिजनेस करने में कोई परेशानी ना हो, और आप अपने हिसाब से e-commerce बिज़नेस को चुन सकें, और उसे इंडिया में कर सकें। नीचे आपको e commerce बिजनेस के कुछ प्रकारों के बारे में बताया गया है-

  1. B2B business :- B2b बिजनेस इसका मतलब है, बिजनेस टू बिजनेस मॉडल। ई-कॉमर्स के इस business मॉडल में आपको अपना सामान किसी ग्राहक को नहीं बल्कि सीधे किसी दूसरे बिजनेस को sell करना होता है। जैसे कि उदाहरण के तौर पर समझे तो, अगर आप किसी प्रोडक्ट को बनाने के लिए कच्चे माल का निर्माण करते हैं। और आप उस कच्चे माल को किसी ऐसे बिजनेस को बेचते हैं, जो कि उस कच्चे माल से कुछ सामग्रियां बनाती हैं। तो यह बिजनेस टू बिजनेस कैटेगरी के अंदर आता है।
  2. B2C business:- B2c बिजनेस। इसका मतलब है बिजनेस टू कंज्यूमर मॉडल। यह बहुत ही ज्यादा प्रचलित बिजनेस है, और यह बिजनेस भारत में भी बहुत ज्यादा प्रचलित है। इसका मतलब यह है कि अपने बिजनेस के प्रोडक्ट को सीधे कंज्यूमर यानी कि उपभोक्ताओं को देना। जैसे कि एग्जांपल के तौर पर ले तो, जो भी आजकल हम समान लेते हैं, जैसे कि amazon या flipkart तो वह सब बिजनेस टू कंज़्यूमर बिजनेस के अंतर्गत आता है। इसमें कंपनी के तरफ से सीधे प्रोडक्ट हमें मिल जाते हैं। जिससे कि बिचौलियों का काम खत्म हो जाता है।
  3. C2B business :- C2b बिजनेस इसका मतलब यह है कि कंज्यूमर टू बिजनेस मॉडल। इस बिजनेस का मतलब यह है कि जब कोई कंज़्यूमर अपनी सेवाएं किसी बिजनेस को देता है, तो यह c2b बिजनेस के अंतर्गत आता है। यह सेवाएं कई प्रकार की हो सकती है, जैसे की फोटोग्राफी, singing राइटिंग आदि।
  4. C2C business :- C2c बिजनेस का मतलब हैकंज़्यूमर टू कंज़्यूमर मॉडल। इस बिजनेस में जरूरी नहीं कि कोई बिजनेस से रिलेटेड ही सामान खरीदे या बेचे जाए। इसमें कोई ग्राहक खुद के सामान को ही दूसरे ग्रह को sell कर सकता है। उदाहरण के तौर पर ले तो आपने olx के बारे में तो सुना ही होगा। जिसमें लोग अपने पुराने सामानों को खरीदते और sell करते हैं। तो यह c2c business के अंतर्गत ही आता है। जिसमें एक कस्टमर अपना समान या अपना पुराना सामान सीधे दूसरे ग्राहक को बेचता है।
  5. A2B business :- A2b बिजनेस का मतलब है एडमिनिस्टर टू बिजनेस मॉडल। इस बिजनेस का मतलब यह होता है कि कई बार सरकार को यानी कि हमारे गवर्नमेंट को कई चीजों के निर्माण के लिए कुछ सामानों की आवश्यकता होती है। जिसे वह किसी व्यापारिक संस्थान से खरीदनी है। तो इसे ही a2b बिजनेस कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर समझा जाए, तो अगर सरकार को कुछ बनाने के लिए किसी मशीन की आवश्यकता है, तो वह उस मशीन या फिर उस मशीन के पार्ट्स बनाने वाली कंपनी के पास संपर्क करेगी, और उनसे मशीनें खरीदेगी।
  6. C2A business :- C2a बिजनेस का मतलब है, कंज्यूमर टो एडमिनिस्टर मॉडल। इस बिजनेस के अंतर्गत लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ घर बैठे ही मिल जाता है। जैसे कि उदाहरण के तौर पर समझे तो, अगर सरकार द्वारा कोई योजना निकाली गई है। तो लोग घर बैठे ही अपने स्मार्टफोन और इंटरनेट की मदद से उस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्हें योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए दफ्तर जाने की कोई जरूरत नहीं है।

बिजनेस मॉडल की तैयारी Prepration of business modal 

सबसे पहले आपको यह सुनिश्चित करना होता है, कि आप कोनसा बिजनेस करना चाहते है, कोई प्रोडक्ट सेल करना चाहते है या कोई सर्विस प्रदान करना चाहते है आप यह बिजनेस बड़े पैमाने पर करना चाहते है या फिर छोटे पैमाने पर इसका एक मॉडल तैयार करना काफी लाभदायक होता है, जिससे हमें हमारी लागत और मुनाफे का अंदाजा भी हो जाता है। बिजनेस मॉडल की तैयारी में आप अपनी क्षमता के अनुसार बड़े पैमाने पर या छोटे पैमाने पर बिजनेस का आईडिया चुन सकते है।

ई कॉमर्स बिजनेस की अन्य तैयारी Other Prepration of e-commerce business 

ई कॉमर्स बिजनेस शुरू करने से पहले आपको अपने ब्रांड अर्थात उन प्रोडक्ट की लिस्ट तैयार करनी होंगी जिन्हे आप बिजनेस के माध्यम से अपने ग्राहकों तक पहुँचाना चाहते है। इसके बाद अपनी कंपनी का एक यूनिक नाम आपको चुनना होगा जो attractive हो और लोगो को आसानी से याद रहें, जबकि अपनी कंपनी के लिए एक यूनिक लोगों भी आपकी कंपनी को काफी प्रसिद्धि और आकर्षक बनाता है।

ई कॉमर्स कंपनी के प्रकार Type of e-commerce comoany 

  1. एकल स्वामित्व :- इस प्रकार की कम्पनी में एक ही व्यक्ति उस व्यवसाय या बिजनेस का स्वामी होता है और व्यापार से जुड़े सभी काम और नियंत्रण एक ही व्यक्ति के हाथ में होता है, और वही उसका स्वामी होता है।
  2. एक व्यक्ति कंपनी :- यह एक कंपनी के रूप को दर्शात है, जिसमें केवल एक ही व्यक्ति कंपनी का मालिक होता है अर्थात इसमें भी कंपनी पर पूरा प्रभुत्व एक ही व्यक्ति का होता है।
  3. सीमित दायित्व भागीदारी :- कंपनी के रजिस्ट्रेशन की यह प्रक्रिया सरल होती है और इसमें पैसा भी भी बहुत कम खर्च आता है। एलएलपी एक अलग कानूनी इकाई है। यह व्यक्तिगत पार्टनर से अलग है कियोकि इसमें कंपनी के रजिस्ट्रेशन के एग्रीमेंट के अनुसार हर पार्टनर की जिम्मेदारी सीमित होती है। 
  4. प्राइवेट लिमिटेड :- एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी एक संयुक्त स्टॉक कंपनी है, जो भारतीय कंपनी अधिनियम, 2013 या किसी अन्य पिछले अधिनियम के तहत स्थापित की गई थी। यह स्वैच्छिक रूप से बनाए गए व्यक्तियों का एक संघ होता है। प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में मौजूदा कर्मचारियों की अधिकतम संख्या 200 हो सकती है। 

ई-कॉमर्स कंपनी का रजिस्ट्रेशन Ragistration of e-commerce company 

अगर आप भी भारत में ई-कॉमर्स कंपनी प्रारंभ कर के व्यवसाय करना चाहते हैं। तो इसके लिए सबसे पहले आपको अपनी ई-कॉमर्स कंपनी का रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। अपने कंपनी के साथ-साथ आपको अपने ट्रेडमार्क का भी रजिस्ट्रेशन करवाना होगा,

ताकि आपके कंपनी का नाम कोई और कंपनी उपयोग ना कर सके। साथ ही आप अपने ई-कॉमर्स कंपनी को एकल स्वामित्व, पार्टनरशिप, एवं प्राइवेट लिमिटेड में रजिस्टर करवा कर अपना बिजनेस कर सकते हैं, जिसके लिए आपके पास

पेनकार्ड डिजिटल सिग्नेचर होना जरुरी है, आपका आवेदन अप्रूवल होने के बाद आपको gst ragistration, provident fund ragistration, medical इंश्योंरेंस का रजिस्ट्रेशन भी करवा लेना चाहिए। इसी तरह आप आसानी से अपना ई-कॉमर्स कंपनी प्रारंभ करके, भारत में e commerce business कर सकते है।  

ई-कॉमर्स वेबसाइट बनाना Creation of E - Commerce website 

अगर आप e commerce business शुरू करना चाहते हैं। तो इसके लिए जरूरी है कि आपको सबसे पहले अपने बिजनेस के लिए एक e commerce वेबसाइट बनाना होगा। ताकि लोगों को उनके जरूरत के सामानों को ढूंढने के लिए परेशानी का सामना ना करना पड़े, और वह उस वेबसाइट में जाकर सारे सामानों को देख सकें एवं आर्डर कर सकें।

तो अगर आप अपना e-commerce वेबसाइट बनाना चाहते हैं। तो इसके लिए आप किसी वेब डेवलपर की मदद ले सकते हैं। जो आपको एक वेबसाइट तैयार करके दे देगा, और अगर आपका बजट कम है, तो आप किसी ऐसी कंपनी से भी कांटेक्ट कर सकते हैं,

जो कि आपको कम बजट में ही आपके e commerce बिजनेस के लिए वेबसाइट प्रोवाइड करवा सकती है। इसमें आपको बजट भी ज्यादा नहीं लगेगा और आप आसानी से अपना व्यापार कर सकते है। इसके आलावा आपको अपनी वेबसाइट पर customers इंगेजमेंट बढ़ानी होंगी

जिसके लिए आपकी वेबसाइट का लुक आकर्षक होना चाहिए और SEO optimize होने के साथ गूगल में रैंक भी होनी चाहिए, जबकि आप फेसबुक ads और गूगल ads के जरिये भी customers इंगेजमेंट बड़ा सकते है और social media भी काफी मददगार साबित होता है।

पेमेंट गेटवे की जानकारी Payment Gateway Information

अगर आप इंटरनेट के माध्यम से e commerce बिजनेस करना चाहते हैं। तो जाहिर सी बात है कि आपको पेमेंट की सुविधा भी ऑनलाइन करनी होगी। ताकि आपके कस्टमर ऑनलाइन भुगतान कर सके। जिसके लिए आपको पेमेंट गेटवे की जरूरत होगी।

तो आप किसी ऐसे कंपनी से संपर्क कर सकते हैं, जो कि एक अच्छा पेमेंट गेटवे प्रोवाइड करती हो आपको उस कंपनी को अपने पेमेंट के हिसाब से पेमेंट गेटवे का चार्ज देना होगा। साथ ही साथ आप अपने ग्राहकों के लिए इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग एवं डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड आदि की सुविधा provide कर सकते हैं।

लॉजिस्टिक की जानकारी Logistics information

यह बिंदु भी e commerce बिजनेस में बहुत जरूरी होता है। अगर आप कोई प्रोडक्ट और सर्विस लोगों के लिए सेल करते हो तो वह लोगो तक कैसे पहुंचेंगी। इस बात का ध्यान भी रखना होता है, इसलिए यह सबसे महत्वपूर्ण कार्य है कि जब तक लोगो का सामान उन तक नहीं पहुँचता उस पर नजर बनाये रखना और स्वयं लोगो को भी अपने सामान को ट्रैक करने की सुविधा प्रदान करना, जिससे लोगो का कंपनी के प्रति विश्वास बढ़ता है, और वे कंपनी के नियमित ग्राहक बन जाते है।

भारत में e commerce बिजनेस के फायदे 

अगर आप भारत में e commerce बिजनेस करके पैसे कमाना चाहते हैं। तो भारत में e commerce बिजनेस के बहुत से फायदे हैं। जिसके बारे में आपको नीचे बताया गया है

  1. अपना प्रोडक्ट कहीं से भी एवं कहीं भी सेल कर सकते हैं:- E- commerce बिज़नेस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप इसे किसी भी जगह से शुरुआत कर सकते हैं, क्योंकि इंटरनेट का इस्तेमाल लगभग सभी लोग करते हैं। तो आपके ग्राहक इंटरनेट के माध्यम से आप से आसानी से कहीं से भी जुड़ सकते हैं, और साथ ही साथ आप अपने सामानों को दुनिया के किसी भी कोने में भी sell कर सकते हैं। क्योंकि इंटरनेट का इस्तेमाल पूरी दुनिया में किया जाता है।
  2. कम खर्च:- अगर बात करें E- commerce बिजनेस करने में खर्चे की तो इसमें आपको ऑफलाइन बिजनेस करने से बहुत कम खर्चा आता है, क्योंकि इसमें आपको अपने सामानों के लिए अलग से दुकान या फिर गोदाम बनाने की जरूरत नहीं होती। इसमें सारा कार्य इंटरनेट के माध्यम से होता है। इसलिए इसमें आपको ऑफलाइन बिजनेस से कम खर्च लगता है।
  3. कहीं भी एवं कभी भी सामान खरीद सकते हैं :- e commerce बिज़नेस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि, यह बिजनेस कस्टमर को कहीं भी एवं कभी भी सामान खरीदने की सुविधा प्रदान करता है। यानी कि ग्राहक इकॉमर्स बिजनेस से 24 घंटे में कभी भी एवं किसी भी दिन सामान खरीद सकते हैं। उनको उनका सामान मिल जाएगा।
  4. अधिक प्रचलित :- अगर बात करें भारत की तो यहां लोगों को घर बैठे सामान मंगवाना बहुत ज्यादा पसंद होता है। उन्हें ऑफलाइन संभाल लेना अच्छा नहीं लगता है। इसलिए वे e-commerce से ही सामान buy करना ज्यादा prefer करते हैं। इसलिए यह e commerce बिजनेस करने वाले के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

दोस्तों यहाँ पर आपने ई- कॉमर्स बिजनेस इन इंडिया (E-commerce business in india) भारत में ई- कॉमर्स बिजनेस कैसे करें के बारे में पढ़ा। आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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